उसरा बाजार के पराग डेरी केंद्र। संवाद
देवरिया। पिछले तीन सालों से बेहद बुरे दौर से गुजर रहे ऊसरा इंडस्ट्रियल एरिया के दूध शीतलन केंद्र के दिन फिर से लौटने वाले हैं। इस केंद्र की स्थिति बेहद खराब होने के कारण देवरिया, रुद्रपुर और बरहज इलाके के पशुपालकों को दूध बेचने में दिक्कत आ रही है।
केवल इसका एक छोटा सेंटर ही अभी संचालित हो रहा है। अब गोरखपुर में स्थापित एक लाख लीटर क्षमता वाले पराग प्लांट के दोबारा संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद देवरिया के इस केंद्र को भी शुरू किए जाने की राह आसान होती दिखाई दे रही है।
गोरखपुर स्थित पराग डेयरी प्लांट को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को सौंप दिया गया है। अगले साल फरवरी तक इसके पूरी तरह चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्लांट को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिदिन एक लाख लीटर दूध की आवश्यकता होगी।
इसके लिए मंडल के चार जिलों देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और गोरखपुर से दूध की खरीदारी होगी। गोरखपुर में ज्ञान डेयरी और पेप्सिको में भी दूध से बने उत्पादों के लिए एक प्लांट शुरू होने के बाद दूध की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है। अभी इसकी पूर्ति के लिए अयोध्या मंडल समेत प्रदेश के दूसरे हिस्सों से दूध मंगाया जा रहा है।
पराग का नया प्लांट शुरू होने के बाद दूध की मांग बढ़ने पर देवरिया और कुशीनगर से ही अधिक आपूर्ति की संभावना है। चूंकि देवरिया में ऊसरा और कुशीनगर के कसया में पहले से सेंटर संचालित हो रहे हैं, ऐसे में इन दोनों जिलों के ही पशुपालकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।