संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धर्मांतरण कराने का मामला तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को सड़क पर उतरे हिंदूवादी नेताओं से मिलने कार्यालय से बाहर डीएम दिव्या मित्तल नहीं निकली। इससे कार्यकर्ता नाराज हो गए और डीएम कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक हंगामा किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके अलावा कलक्ट्रेट गेट के सामने करीब 45 मिनट तक हाईवे पर जाम लगा दिया।
मामला बढ़ता देख एएसपी और सीओ को कमान संभालना पड़ा। जिद्द पर अड़े कार्यकर्ता नहीं माने तो डीएम कार्यालय से बाहर निकलीं और आठ सूत्री मांग लेकर तुरंत कार्यालय में चली गई। करीब एक घंटे तक कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना पुलिस को करना पड़ा। मांग पत्र में एसएस मॉल के मालिक की अकूत संपत्ति की जांच कराने और देवरिया ओवरब्रिज के नीचे अवैध तरीके से बने मजार को तोड़ने समेत कई मांगें शामिल रहीं।
शहर के रामनाथ देवरिया निवासी एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी, पत्नी और साले पर एक युवती के आरोप पर पुलिस ने धर्मांतरण की कोशिश कराने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। इस घटना से हिंदूवादी संगठनों में उबाल है। सुबह करीब 10 बजे से सुभाष चौक पर हिंदूवादी नेताओं का भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। इसकी भनक लगने पर सीओ संजय रेड्डी, कोतवाली विनोद कुमार सिंह सिपाहियों के साथ पहुंच गए।
सुबह करीब 11 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हिंदूवादी नेता सिविल लाइंस में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट डीएम को मांग पत्र देने पहुंचे। डीएम ने एडीएम प्रशासन को मांग पत्र लेने के निर्देश दिए। हिंदूवादी नेताओं ने डीएम के अलावा किसी और को मांग पत्र देने पर राजी नहीं हुए।
बावजूद इसके डीएम कार्यालय से बाहर नहीं आईं। इसके बाद पूरी भीड़ कलक्ट्रेट के सामने देवरिया-गोरखपुर मार्ग को जाम कर डीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिस और आक्रोशित लोगों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद एएसपी सुनील सिंह डीएम को मांग पत्र देने के लिए हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को कलक्ट्रेट में भेजा।
डीएम कार्यालय पर करीब 10 मिनट इंतजार के बाद पांच लोगों को मांग पत्र लेकर डीएम ने अंदर बुलाया। इस पर प्रदर्शनकारी भड़क गए और डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने करते हुए डीएम के कार्यालय में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को रोका और गेट का ताला बंद करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक हिंदूवादी नेता डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते रहे।
मामला बढ़ता देख डीएम दो मिनट के लिए आईं और बिना वार्ता किए मांग पत्र लेकर कार्यालय में चली गईं। सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक डीएम कार्यालय से लेकर सिविल लाइंस तक हंगामा का माहौल रहा। डीएम को दिए गए आठ सूत्री मांग में एसएस मॉल की संपत्ति, विदेशी फंडिंग, जिले में मिशनरियों की ओर से कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने, जिले में सक्रिय विदेशी गतिविधियों पर रोक लगाने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने समेत आदि मांगें शामिल रहीं।
इस दौरान बजरंग दल के मानवेंद्र तिवारी,प्रमोद मिश्रा, संजय तिवारी, अमित सिंह बबलू, विनोद ठठेरा, संपूर्णानंद गुप्ता,हिमांशु मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, सिद्धार्थ मिश्रा, एडवोकेट अभिषेक मिश्रा आदि मौजूद रहे।