दुर्व्यवस्थाओं के बीच पहले दिन संपन्न हुई बोर्ड परीक्षा
21 केंद्रों पर नहीं पहुंचे स्टेटिक मजिस्ट्रेट, कक्ष निरीक्षकों की कमी से जूझते रहे केंद्र व्यवस्थापक
द्वितीय पाली में सचल दल को पुलिस टीम के आने का करना पड़ा इंतजार
शहर के जीआईसी सहित अन्य केंद्रों पर रही कनेक्टिविटी की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा मंगलवार से दुर्व्यवस्थाओं के बीच जिले के 215 केंद्रों पर शुरू हुई। पहली पाली में कई केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट ही नहीं पहुंचे तो कई जगह केंद्र व्यवस्थापकों को कक्ष निरीक्षकों की कमी से जूझना पड़ा। कई जगह तो प्रवेश पत्र पर छात्र की जगह छात्रा एवं छात्रा की जगह छात्र का नाम अंकित होने पर परीक्षार्थियों व प्रवेश द्वार पर ड्यूटी कर रहे लोगों में विवाद की स्थिति भी बनती दिखी। इससे परीक्षार्थियों को समय से कक्ष में पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले दिन प्रथम पाली की परीक्षा में तीन नकलची पकड़े गए।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने का दबाव पहले दिन अधिकारियों पर हावी रहा। दोनों पालियों में परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम के अधिकारी व कर्मचारी तो सजग दिखे। हालांकि, कई केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट न पहुंचने व कक्ष निरीक्षकों की पर्याप्त संख्या न होने से जिला व पुलिस प्रशासन के पूर्व में किए गए दावे फेल नजर आए। कई केंद्रों पर कनेक्टिविटी की समस्या रहने से वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी व्यवस्था फेल रही। राजकीय इंटर कॉलेज देवरिया खुद ही इस समस्या से जूूझता नजर आया। डीआईओएस शिवचंद राम ने बताया कि जहां कुछ समस्याएं आईं उनका समाधान निकाला गया। प्रवेश पत्र पर लिंग कोड बदलने पर केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी परीक्षार्थी को इस स्थिति में परीक्षा से वंचित न करें। जो कक्ष निरीक्षक या स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा ड्यूटी में नहीं पहुंचे, उनकी सूची तैयार कर डीएम को दी जाएगी।
प्रथम पाली में 10272 ने छोड़ी परीक्षा, तीन रस्टीकेट
हाईस्कूल प्रारंभिक हिंदी के प्रश्न पत्र में जिले में कुल 74,829 छात्र पंजीकृत थे। इसमें 64607 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 10272 अनुपस्थित रहे। शिव विद्या इंटर कॉलेज में सुबह की पाली में केंद्र व्यवस्थापक ने दो छात्रों को एवं मणिनाथ इंटर कॉलेज नोनापार में एक परीक्षार्थी को केंद्र व्यवस्थापक ने नकल करते पकड़ा। तीनों को परीक्षा से रस्टीकेट कर दिया गया।
सचल दल के साथ लगे पुलिसकर्मी कर रहे लापरवाही
जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सचल दल के साथ लगी है, वे समय से कंट्रोल रूम में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। पहले ही दिन जब सचल दल के लोग द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान केंद्रों पर जाने को तैयार हुए तो उन्हें पुलिसकर्मियों के आने का इंतजार करना पड़ा। कई लोग तो उनके मोबाइल नंबर तक ढूंढने में लगे रहे।
समय से नहीं मिल रहा सचल दल को डीजल-पेट्रोल का पैसा
केंद्रों की जांच के बनाए गए आठों सचल दल को पेट्रोल-डीजल खर्च का पैसा भी समय से नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में कई अधिकारियों को अपने संसाधनों से केंद्रों का निरीक्षण करना पड़ रहा है। अपने जेब से धन खर्च होने से कई टीमों प्रभारी व्यवस्था से नाखुश दिखे। पहले ही दिन कई टीम प्रभारियों ने इसकी शिकायत भी की। परीक्षा शुरू होने के पूर्व केंद्र व्यवस्थापकों के साथ हुई बैठक में डीएम-एसपी ने नकलविहीन व शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए हर संभव उपाय करने व सहयोग की बात कही थी। उनका दावा पहले ही फेल नजर आया। सवाल यह है कि सचल दल को अगर पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी जाएंगी तो वे तेजी से केंद्रों का निरीक्षण कार्य कैसे पूरा करेंगे।