शहीद प्रेमसागर के घर सीएम के आगमन पर लगा एसी।
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देवरिया। पिछले दिनों पुंछ में पाकिस्तान की बॅार्डर एक्शन टीम के हमले में शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबिल प्रेमसागर के घर का नज़ारा सीएम के आने पर बदला तो, पर सारी चमक-दमक उनके जाने के साथ ही गुम भी हो गई । वादे के मुताबिक शहीद की तेरहवीं से पहले 11 दिन बाद शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ शहीद के टीकमपार के दलित बस्ती स्थित घर पहुंचे। सीएम के दौरे के 24 घंटे पहले प्रशासन ने शहीद के घर तरह-तरह के इंतजाम करवाए। जिस कमरे में सीएम परिजनों से मिलने वाले थे, उसमें एसी लगाया गया। सोफे और कालीन बिछाए गए। सीएम के जाने के आधे घंटे बाद ही एसी उतर गया। कालीन और सोफे भी कुछ ही समय बाद गाड़ी पर लादकर वापस भेज दिए गए।
11 मई को एकाएक सीएम कार्यालय से फोन आया कि 12 मई को सीएम शहीद के घर शाम 5.25 बजे पहुंचेंगे। इसके बाद प्रशासनिक अफसर हरकत में आ गए। आनन-फानन में अफसरों का हुजूम टीकमपार के दलित बस्ती में पहुंच गया। हेलीपैड से लेकर टीकमपार के दलित बस्ती को जाने वाले खड़ंजा मार्ग को पिच कर दिया गया। साफ-सफाई की ऐसी व्यवस्था की गई मानो जैसे यहां कभी गंदगी थी ही नहीं। टूटी-फूटी नालियां भी दुरुस्त कर दी गईं। 24 घंटे पहले ही शहीद के घर पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। जिलाधिकारी हों या फिर भाटपाररानी के एसडीएम सभी शहीद के घरवालों की एक-एक बात को गंभीरता से सुन रहे थे और उसके निदान का आश्वासन भी दे रहे थे।
जिस कमरे में मुख्यमंत्री की शहीद के घरवालों से मुलाकात होने वाली थी, रातो-रात उसमें एसी लगा दिया गया। फर्श पर कालीन बिछा दी गई, सोफे भी लगाए गए। शहीद के घर के बरामदे में भी कालीन बिछा हुआ था। 06.15 बजे सीएम शहीद के घर पहुंचे। करीब 11 मिनट तक वह शहीद के घरवालों से बातचीत करते रहे। इसके बाद उनका काफिला हेलीपैड के लिए रवाना हो गया। गांव से भीड़ भी छंटने लगी। शहीद के बड़े बेटे ईश्वरचंद्र ने बताया कि गांव से भीड़ के हटते ही आधे घंटे बाद एसी उतार लिया गया। कालीन और सोफे भी हटा लिए गए।