देवरिया। ‘वन रैंक वन पेंशन’ मुद्दे पर भिवानी के सेवानिवृत्त फौजी रामकिशन ग्रेवाल की खुदकुशी के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को फौजी के परिजनों से मिलने जाते समय रोकने और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को हिरासत में लेने के विरोध में आप कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सुभाष चौक पर प्रदर्शन किया। उन्होंने शहीद के परिजनों की गिरफ्तारी तथा अपमानित करने को शर्मनाक करार दिया। कहा, मोदी सरकार ने परोक्ष रूप से आपातकाल लागू कर दिया है।
आप संयोजक आरएस राय ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार तानाशाही पर आमादा है। गैर भाजपा सरकार के साथ वह आपातकालीन हथकंडे अपना रही है। मध्यप्रदेश मुठभेड़ कांड के शहीद सिपाही के परिजनों से मिलने जब वहां के सीएम शिवराज सिंह चौहान जाते हैं तो वह राष्ट्रवाद हो जाता है और जब दिल्ली के सीएम अपने राज्य के फौजी के परिजनों से मिलने जाते हैं तो उन्हें रोक दिया जाता है।
उन्होंने कहा, एक तरफ पीएम सैनिकों के सम्मान का ढिढोरा पीट रहे हैं दूसरी तरफ दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित फौजी रामकिशन जंतर-मंतर पर वन रैंक वन पेंशन के लिए अनवरत धरना देने के बाद जब रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपने जाते हैं तो मिलने तक नहीं दिया जाता है।
अपमानित फौजी के आत्महत्या के बाद उनके परिजनों को ढांढस बंधाने की बजाए दिल्ली पुलिस ने उन्हें अपमानित की और गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया। इस दौरान अशोक गुप्ता, रामकिशोर चौहान, सुरेंद्र वर्मा, सुनील गुप्त, घनश्याम मिश्र, विक्की सिंह, अवधेश यादव, विनोद राय, रमेश राय आदि मौजूद थे।