शिवानंद के साथी जहाज पर काम करने वाले अमरेंद्र चौहान व त्रिभुवन ने पूरी घटना बताई
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10 जून को ओमान तट के पास पानी के जहाज पर अमेरिकी हमले में मारे गए शिवानंद के साथी और उसी जहाज पर साथ में काम करने वाले त्रिभुवन चौहान और नरेंद्र चौहान ने आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि सुबह 7:30 बजे ड्यूटी जाने के लिए हम लोग रूम में नाश्ता कर रहे थे।
इसी दौरान जहाज पर पीछे दो बहुत बड़ा विस्फोट हुआ, जहाज हिल गई। आग और धुएं का गुबार आसमान में उड़ने लगा। साथियों ने बताया कि विस्फोट होते ही हम लोग चिल्लाते हुए जहाज पर आगे भागे और सोच रहे थे कि फिर कहीं विस्फोट ना हो जाए। वॉकी टॉकी से बगल के जहाज पर सूचना दी गई।
वहां से साढ़े तीन से चार घंटे बाद कंपनी की जहाज पहुंची और सारे बचे हुए लोगों को लेकर बाहर आई। त्रिभुवन और नरेंद्र ने बताया कि शिवानंद की ड्यूटी दूसरे शिफ्ट में थी और वह इंजन के पास था। वह पूरी तरह से आग में झुलस गया था। साथियों के मुताबिक जहाज पर आग बुझाने की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई।