सूखा राहत के लिए तहसील में आई रकम में से मात्र डेढ़ फीसदी ही अभी तक सलेमपुर के किसानों को मिली है। जबकि जिले के अन्य तहसीलों में पांच फीसदी सूखा राहत की रकम किसानों के अकाउंट में भेजी जा चुकी है। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाही बरतने वाले लेखपाल उमाशंकर पांडेय और ब्रजेशलाल श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है और तहसील प्रशासन को रकम बांटे जाने में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
शासन से पर्याप्त रकम मिलने के बाद भी तहसील के 531 गांव के किसानों को अभी तक सूखा राहत की रकम नहीं मिल सकी है। लेखपालों की लापरवाही के कारण अभी तक अधिकांश गांवों के किसानों का बैंक अकाउंट सहित सूची तैयार नहीं हो सकी है। वहीं रुद्रपुर, भाटपाररानी, बरहज, देवरिया सदर तहसील में पांच फीसदी से अधिक सूखा राहत की रकम किसानों को दी जा चुकी है। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने तहसीलदार को हिदायत दी।
चर्चा है कि लेखपाल गांवों में जाने से कतरा रहे हैं। इससे अधिकांश किसान वंचित हो जा रहे हैं। तहसील प्रशासन ने अभी तक 100 गांवों के किसानों के बैंक अकाउंट में सूखा राहत की रकम भेजी है। तहसीलदार ने बताया कि बीच में एक सप्ताह तक लेखपालों के हड़ताल पर चले जाने से यह परेशानी हुई है।