मडंलायुक्त और डीआईजी मंगलवार को रुद्रपुर में तहसील दिवस पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे । लंबित प्रकरणों को लेकर मंडलायुक्त पी गुरू प्रसाद ने नाराजगी जताई।
उन्होंने तहसील दिवस पर आई शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने के आरोप में दो लेखपालों को निलंबित कर दिया। वहीं अनुपस्थित पाए गए चार अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त पी गुरूप्रसाद और डीआईजी शिव सागर सिंह दिन में 12 बजे अचानक रुद्रपुर तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे।
मंडल के दोनों अधिकारियों के पहुंचते ही तहसील के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तहसील दिवस की कार्रवाई के दौरान उन्होंने लोगों की समस्या सुनी।
जमीन की पैमाइश में हीलाहवाली के आरोप में कमिश्नर ने महराजगंज के हल्का लेखपाल रमेश चंद गोड़ और नगवा कन्हौली के हल्का लेखपाल गुलाब यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दोनों लेखपालों पर तहसील दिवस की शिकायतों में शिथिलता बरतने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने लेखपालों पर जमीन की पैमाइश का मामला निपटाने में योगदान नहीं देने की शिकायत की।
मंडलायुक्त के समक्ष तहसील के अधिवक्ता राजशरण सिंह ने नगर में 16 एकड़ जमीन पर राजस्व अभिलेख में हेराफेरी करने का राजस्व कर्मियों पर आरोप लगाया।
मंडलायुक्त ने इस मामले में एसडीएम को जांच कर अभिलेखों में हेराफेरी के दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
तहसील दिवस पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत भलुअनी, सहायक विकास अधिकारी बैतालपुर, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक गौरीबाजार और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक बैतालपुर अनुपस्थित रहे।
इन लोगों से एसडीएम ने तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। मंडलायुक्त ने तहसील के राजस्व अभिलेखों में वरासत तथा अन्य आदेशों के अमलदरामद में तेजी लाने और तहसील दिवस के प्रकरणों का गंभीरता से निस्तारण करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर एसडीएम राकेश सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि अधिकारी मौजूद रहें।