बरहज। पीपे का पुल बंद होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से स्टीमर की व्यवस्था कराई है। ठेकेदार ने मझोली नाव पर पंपसेट का इंजन बांधकर स्टीमर का रूप दिया है।
इसकी क्षमता 30 से 35 सवारियों की है। लोगों के साथ सामान का सात से आठ क्विंटल भार होना चाहिए, लेकिन नाव पर बने स्टीमर पर क्षमता से दोगुने लोग बाइक के साथ सवार थे। चालक ने बताया कि इंजन पुराना है, जिसको बदलने की बात कही गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। स्टीमर पर अधिक लोगों को चढ़ने पर मना किया जाता है, लेकिन यात्री मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
पिछले साल भी ऐसा हुआ था
पिछले वर्ष 29 जुलाई को घाघरा के उस पार से बरहज को आ रहे स्टीमर की पतवार टूट गई थी। जिससे स्टीमर अनियंत्रित होकर बह गया। उस स्टीमर पर 70 लोग सवार थे। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों की मदद से उसे किनारे लाया जा सका।