देवरिया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को हुआ। इसमें कई पुराने वादों में जुर्माना वसूल कर किया गया। इसके साथ ही कुल 127250 वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 80 मामलों के निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में 5,34,47,700 रुपये पीड़ितों को दिलाया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने फीता काट और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें गौरीबाजार थाना क्षेत्र निवासी संतराज यादव पर पुलिस ने करीब बीस साल पहले आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की थी। इनका मामला न्यायालय में विचाराधीन था। पांच रुपये जुर्माना चुकाने के बाद मामले का निस्तारण कर दिया गया। संतराज ने बताया कि मुकदमे को लेकर तनाव में रहता था। निस्तारण होने सकुन मिला है। जितना जुर्माना लगा है उससे कई गुना रुपये मुकदमे की पैरवी में खर्च कर चुका था। भटनी थाना क्षेत्र के रामपुर खुरहुरिया गांव के रहने वाले अवधेश और परिवार के दो लोगों पर 2018 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। तीनों लोगों को एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया और मामले को खत्म कर दिया गया। बनकटा थाना क्षेत्र के धर्मेंद्र शर्मा दो साल पहले पाक्सो एक्ट में निरुद्ध हुए थे। मुकदमे की पैरवी के लिए उन्हें अदालत आना पड़ता था। पांच सौ रुपये जुर्माना देने के बाद मामले का निस्तारण हो गया।
जनपद न्यायाधीश ने एक वाद का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने 13, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-प्रथम ज्ञान प्रकाश सिंह ने 12, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विकास कुमार ने 40 वादों का निस्तारण किया। जबकि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 80 मामलों का निस्तारण किया गया और 5,34,47,700 रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाई गई। इस प्रकार राजस्व और अन्य विभाग के 127250 मामलों का निस्तारण किया गया।प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में 51,81,98228 रुपये (इक्यावन करोड़ इक्यासी लाख अंठानबे हजार दो सौ अठाइस रुपये) की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। इस दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रिरा सिंह, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छाया नैन, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश पटेल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व प्राधिकरण के सचिव अशोक कुमार दूबे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी, सिविल जज (सीडी) विवेक कुमार सहित अन्य न्यायाधीश, वादकारी मौजूद रहे।