बरहज के सरयू की धारा मोड़ने में विफल होने पर सामान समेटती हरियाणा की कंपनी
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सरयू की धारा मोड़ने में विफल रही कंपनी, वापसी की तैयारी
पांच करोड़ से नदी की धारा मोड़ने की चल रही थी कवायद
बरहज। सरयू नदी थाना घाट से करीब दो किलोमीटर दक्षिण बह रही थी। प्रशासन ने नदी की धारा मोड़ने के लिए करीब पांच करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया था। लेकिन जल सर्वे के बाद आई रिपोर्ट के बाद धारा मोड़ने का कार्य कर रही कंपनी वापसी की तैयारी में जुट गई है। नदी की धारा मोड़ने में सफलता न मिलने पर लोगों में मायूसी है।
बलिया बाढ़ खंड के मैकेनिकल विभाग की ओर से सरयू की धारा मोड़ने के लिए बरहज के मेहियवां के निकट नदी को चुना गया था। जिस पर मुंबई की एक कंपनी पिछले दो माह से कार्य कर रही थी। लोगों के अनुसार मोटरबोट और पोकलैन के जरिए नदी की खुदाई की जा रही थी। कंपनी ने करीब एक किलोमीटर तक बांध बनाया था। लेकिन नदी के जलस्तर में वृद्धि हो जाने से बांध जमींदोज हो गया। करीब 15 दिन पूर्व पटना से अयोध्या तक जल सर्वे कराया गया। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने और योजना विफल होते देख कंपनी वापसी के लिए साजों सामान समेटने लगी है। पटेल नगर निवासी और कंपनी के साथ भाड़े पर अपनी नाव लगाए नाविक चीखुर साहनी का कहना है कि दो माह की पगार मिली है। काम कर रहे लोग असफलता पर खेद जता रहे थे। काम करा रहे एक कर्मचारी का कहना है जलस्तर बढ़ने से काम पूरा नहीं हो पाया। जो हुआ भी वह बह गया। पूर्व सभासद भोलू तिवारी, अमरेंद्र गुप्त, अरविंद जायसवाल आदि का कहना है कि मोहन सेतु निर्माण से नदी दक्षिण बह रही थी। धारा मोड़ने के लिए खुदाई काम निर्माणाधीन पुल के पास किया गया होता, तो शायद कुछ हद तक सफलता मिल जाती। नाकामी हाथ लगने पर और नदी के घाट से दूर बहने को लेकर लोगों में मायूसी है। एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा नदी की धारा मोड़ने की कवायद की जा रही थी। संबंधित लोगों से बात की जाएगी। उधर, सिंचाई विभाग यांत्रिक विभाग वाराणसी डिवीजन के सहायक अभियंता जीएन शुक्ला का कहना है कि जलस्तर बढ़ने और तकनीकी खामियों के चलते कार्य रोक दिया गया है। जलस्तर घटने के बाद पुन: कार्य शुरू कराया जाएगा।