लार बाजार कं मुख्य मार्ग पर खड़े ट्रक
लार। सुबह में आलू प्याज की बोरियां उतारने के लिए बाजार की मुख्य सड़क पर पुल के सामने रात में ही ट्रकों को खड़ी कर दिया जा रहा है। इससे पूरी रात और सुबह नौ बजे तक वाहनों के आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।नतीजा यह हो रहा है कि मरीज छात्र और कर्मचारी समय से अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
लार नगर की सड़क 73 फुट है। जबकि मौके पर 13 फुट में सिमट गई है। आए दिन नगर में जाम जैसे हालात बने रहते हैं।इधर कुछ माह से सब्जी के थोक विक्रेताओं के तरफ से मुख्य बाजार के पुल के सामने आधे सड़क पर मनमाने तरीके से ट्रकें खड़ी करा दी जा रही है। बुधवार की रात में भी दो ट्रकें खड़ी करा दी गई। जिससे आधा रास्ता बाधित हो गया।
थोड़ी सी सड़क और पटरी खाली थी।इसी बीच चनुकी मोड़ और लखु मोड़ के तरफ से चार पहिया वाहन पहुंची तो काफी प्रयास के बाद निकली। तभी बिहार के तरफ से एम्बुलेंस मरीज लेकर पहुंची।
मानवता दिखाते हुए अन्य वाहन चालको ने अपनी वाहनों को किनारे खड़ी कर रास्ता दिया। इसके बाद एम्बुलेंस निकली। लोगों के अनुसार पहले से सिकुड़ी सड़क पर ट्रकें खडी होने से पटरी बच रही है।पुल पर थोड़ी चौड़ाई होने से किसी तरह वाहन निकल रहे हैं। पूरी रात यही स्थिति बनी रहती है। सुबह छह बजे से छोटे वाहन यहीं से माल लोड करते हैं।जिससे आठ बजते बजते जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। यह स्थिति नौ बजे तक रहती है। इससे बचने के लिए कई बार लोगों को दो से ढाई किलो मीटर की दूरी तय कर अपने गंतव्यों तक जाना पड़ता है।
जिससे वह अक्सर लेट हो जाते हैं।नगर पंचायत प्रशासन से लोगों की शिकायत पर चेतावनी दी गई थी। लेकिन ट्रक खड़ी करने वाले लोग आपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।
लोगों के मुताबिक करीब आठ साल पहले जाम ने बिहार के एक गांव के नवजात की जान ले ली थी। इसके अलाव कई मरीजों को जाम में फंसने की वजह से लेट इलाज मिलता है।प्रभारी ईओ बृजेश गुप्ता ने बताया कि यह लापरवाही है। ट्रक खड़ी करने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।किसी भी हाल में बाजार को जाम से निजात दिलाना है।