रुद्रपुर नगर पंचायत में अनियमितताओं की जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन की ओर से त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। रुद्रपुर टाउन एरिया में धन के दुरूपयोग और अनियमितता को लेकर सभासद अरविंद शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल किया था।
उच्च न्यायालय में जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद 24 फरवरी को न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने अंतिम फैसला देते हुए चेयरमैन को पदच्युत करने के मामले को राज्य सरकार के अधीन बताकर राज्य सरकार को मामला निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने याची की शिकायतों के परिक्षण के लिए डीएम को कमेटी गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
याचिकाकर्ता अरविंद शुक्ल ने चेयरमैन पर सरकारी धन का दुरूपयोग कर विवादित जमीन खरीदने, निर्माण कार्यों में अनियमितता करने, बिजली के ठेके में ठेकेदार से मिलकर सरकारी धन हड़पने सहित नौ मामलों में सरकारी धन का गबन करने के आरोप लगाकर चेयरमैन को पद से हटाने के लिए जनहित याचिका दायर किया की थी। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं की जांच के लिए उपजिलाधिकारी रुद्रपुर की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जेपी सोनकर और केएन राय की
त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर याची की शिकायती पत्र पर 15 दिनों के अंदर जांच कर बिंदुवार आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को जांच कार्य में जांच कमेेटी का सहयोग करने का निर्देश दिया है। इस बाबत एसडीएम डॉ राजेश कुमार ने कहा कि जांच कमेटी शिकायतों का निष्पक्ष जांच कर समय से रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।