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देवरिया-पकड़ी मार्ग पर सड़क के किनारे काट कर छोड़े गए हैं पेड़ के ठूंठ
विगत एक माह में आधा दर्जन लोग हो चुके हैं घायल, ठूंठ से टकराकर पलट चुके हैं वाहन
ग्रामीणों ने वन विभाग से पेड़ का ठूंठ हटवाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/पैकोली। जिला मुख्यालय से पकड़ी बाजार जाने वाली 16 किमी सड़क बदहाल थी। बरसात के मौसम में लोग इस रास्ते को छोड़कर दूसरे रास्ते से आवागमन करते थे। दो माह पहले टू-लेन सड़क का निर्माण पूरा हो गया। सड़क निर्माण के दौरान दोनों पटरियों पर पेड़ की कटाई कर छोड़े गए ठूंठ से दुर्घटनाएं होने लगीं और वाहन पलटने लगे। एक माह के आंकड़ों पर गौर करें तो इससे पांच से छह लोग घायल हो चुके हैं। वहीं, कई वाहन चालक ठूंठ पर चढ़ने से पलट चुके हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से पेड़ के ठूंठ को हटवाने की मांग की है।
पकड़ी बाजार से जिला मुख्यालय आने वाली सड़क की स्थिति बहुत दयनीय थी। सड़क जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो चुकी थी। वाहन में सवार यात्रियों को हिचकोले खाने पड़ते थे। चंद कदम की दूरी तय करने में वाहन चालकों को घंटों का समय लग जाता था। वाहन में बैठने से यात्री कतराते थे। वाहन चालकों को यात्रियों का काफी इंतजार करना पड़ता था। इसके बाद इस सड़क के निर्माण के लिए हरी झंडी मिल गई। सड़क निर्माण शुरू हुआ तो लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों को टू-लेन सड़क निर्माण की खबर की जानकारी हुई तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई। सड़क निर्माण के बाद दुर्घटनाएं होते देख ग्रामीणों की खुशियां काफूर हो गईं।
कई गांवों के सामने काट कर छोड़े गए पेड़ों के ठूंठ बन रहे हादसे की वजह
देवरिया से पकड़ी बाजार तक 16 किमी टू-लेन सड़क बनाने के लिए सड़क की दोनों पटरियों पर मौजूद पेड़ों की कटाई की गई। कटाई नीचे न करते हुए पेड़ों को जमीन से सटाकर काट दिया गया है। इससे पेड़ के ठूंठ रह गए हैं। सड़क निर्माण के बाद कोई वाहन चालक गलती से सड़क किनारे चला जाता है तो पेड़ के ठूंठ से टकरा कर हादसे का शिकार हो जाता है या फिर वाहन लेकर सड़क के किनारे पलट जाता है।
इस मार्ग पर कतरारी चौराहा, हरैया, बहोरवां, सिंगही, लक्ष्मीपुर, सुरौली, पैकौली, वैदा, परसिया पकड़ी आदि गांवों के सामने बनी टू-लेन सड़क के लिए काटे गए पेड़ के ठूंठ हादसे की वजह बन रहे हैं। सबसे खतरनाक सिंगही, कतरारी चौराहा व हरैया में काट कर छोड़े गए पेड़ के ठूंठ हैं जो सड़क से सटकर हैं।
तेज रफ्तार व ओवरटेक के दौरान पेड़ के ठूंठ से टकरा जा रहे वाहन चालक
देवरिया-पकड़ी मुख्य मार्ग बनने के बाद वाहनों में ब्रेक नहीं लग रहे हैं। वाहन चालक इस मार्ग पर फर्राटे भरते नजर आ रहे हैं। वाहन चालकों की रफ्तार व सामने चल रहे वाहनों को पीछे छोड़ने की होड़ भी इस मार्ग पर हादसे की वजह बन रही है। इसमें सड़क के किनारे काट कर छोड़े गए पेड़ों के ठूंठ अपनी भूमिका निभा रहे हैं। वाहन चालक ओवरटेक करने के प्रयास में पेड़ के ठूंठ पर वाहन का पहिया चढ़ा देते हैं। कई वाहन तो निकल जा रहे हैं, लेकिन कई वाहन लेकर पलट जा रहे हैं। विगत एक माह में आधा दर्जन लोग चोटिल हो चुके है। वहीं, कई वाहन पलटी मारकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
घटना-1
सिंगही में सुंदर प्रसाद के यहां आए रिश्तेदारों की कार ठूंठ के कारण पलट गई थी। कार में बैठे लोग घायल हो गए थे।
घटना-2
स्कूटी चालक ओवरटेक करते समय ठूंठ से टकरा कर गिर गया और घायल हो गया था।
चंद मिनट में गंतव्य तक पहुंचने के लिए मिल जा रहे वाहन
देवरिया-पकड़ी मुख्य मार्ग पर कभी वाहन में बैठकर सफर करने से यात्री परहेज करते थे। सड़क की हालत देखकर यात्री पैदल यात्रा करना ज्यादा मुनासिब समझते थे। कई तो रास्ता ही बदल देते थे। बरसात के दिनों में यह मार्ग तालाब में तब्दील नजर आता था। वाहन चालक इस तरफ से जाने से कतराते थे। इक्का-दुक्का वाहन ही आते-जाते दिखते हैं। सड़क निर्माण के बाद हालात ये हैं कि चंद मिनट में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन मिल जा रहे हैं।
डीजल डालकर जला कर हटाने की कोशिश की
सिंघही के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने वन विभाग से कहा था कि ठूंठों को हटा दिया जाए। लेकिन वन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वन विभाग के लोगों ने ठूंठ पर डीजल डाल कर जलाने की कोशिश की। वह जला तो लेकिन राख नहीं बन पाया। ग्रामीणों को आशंका है कि किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
कोट
देवरिया-पकड़ी मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे काट कर छोड़े गए पेड़ के ठूंठ के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। इसके बाद मुख्य मार्ग पर आधा दर्जन जगह सड़क के किनारे मौजूद ठूंठों को कहकर हटवाया जाएगा।
-डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक, देवरिया सदर
कोट
सड़क के किनारे काट कर छोड़े गए पेड़ के ठूंठ की जानकारी लेता हूं। इसके बाद कर्मियों को बोलकर सड़क से सटे पेड़ के ठूंठ को हटवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
-जगदीश आर, डीएफओ