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Deoria News: ट्राॅमा सेंटर तैयार पर मेडिकल काॅलेज के अधिकतर गेटों पर ताला

Thu, 30 Jul 2026 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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- मेडिकल कालेज में पहुंचने के लिए दो तरफ बनाए गए पांच गेट
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- गेट नंबर एक और दो स्थाई रूप से रहते हैं बंद, गंभीर मरीजों को चक्कर लगाना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहूलियत और आपातकालीन स्थिति में त्वरित इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया है मगर कॉलेज प्रशासन की एक व्यवस्था के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों की राह कठिन बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सुगम प्रवेश के लिए बनाए गए अधिकतर गेट बंद रहते हैं। गेट नंबर एक और दो लगभग स्थाई रूप से बंद रखे जा रहे हैं। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में आने वाली एंबुलेंस और गंभीर मरीजों को इमरजेंसी और ट्राॅमा सेंटर तक पहुंचने के लिए पूरा परिसर घूमकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हाउस के बगल में गेट नंबर एक है। इसके ठीक सामने दक्षिणी छोर पर दूसरा गेट महारानी चंडिका छात्रावास के गेट के पास है। इसके अलावा न्यू ओपीडी बिल्डिंग का गेट हमेशा बंद रखा जाता है। एमसीएच विंग का गेट शाम छह बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा इमरजेंसी के पास के गेट खुले रहते हैं।
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इसके चलते इमरजेंसी में पहुंचने के लिए एकमात्र गेट सुविधाजनक है। इसके लिए बस स्टैंड के सामने से होकर पहुंचना मजबूरी है। इस तिराहे पर दिन में अक्सर जाम लगा रहता है। इसके चलते कई बार एंबुलेंस फंस जाती है। जलकल रोड की ओर से आने वाली एंबुलेंस को घूमकर इमरजेंसी पहुंचना पड़ता है। यदि गेट नंबर एक खुला रहता तो समय की बचत होती।
गोरखपुर रोड साइड से आने वाले एंबुलेंस बस स्टैंड से पहले ही कचहरी चौराहे से मुड़कर गेट नंबर एक से सीधे इमरजेंसी पहुंच जाते। इससे समय की बचत होती।

प्रतिदिन आते हैं औसतन 250 मरीज

इमरजेंसी में औसतन प्रतिदिन 250 मरीज आते हैं। इस सप्ताह के अंत तक ट्राॅमा सेंटर शुरू होने के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इससे इमर

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कोट
ट्राॅमा सेंटर में सीधे सड़क से प्रवेश है। इससे मरीज सीधे ट्राॅमा सेंटर पहुंच जाएंगे। गेट नंबर बंद होने के पीछे कोई कारण होगा। इसे दिखवाते हैं।

- प्रो. (डॉ.) रजनी पटेल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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