कपरवार गांव मायके आई पदमा ने बुधवार को उग्रसेन सेतु से दुधमुंही बच्ची आराध्या को नदी में फेंक कर नदी में छलांग लगा दिया। इससे दोनों की मौत हो गई। पुल से छलांग लगाकर अब तक 24 से अधिक महिला-पुरुष जान गंवा चुके हैं। सुसाइड प्वांइट बने उग्रसेन सेतु की जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं। हालांकि विगत वर्षों से लोगों की मांग पर तत्कालीन डीएम अनीता श्रीवास्तव ने पुल के दोनों तरफ रेलिंग के ऊपर लोहे की जाली लगवाने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
अंतर्जनपदीय मार्ग पर बने उग्रसेन सेतु के दोनों तरफ पुलिस चौकी बनाई गई है। बावजूद लोग अक्सर भावावेश में नदी में कूदकर जान दे देते हैं। चार वर्ष पूर्व एक जुलाई को भठ्ठा गांव निवासी सोनू सिंह, मदनपुर के मनिहरपुर गांव की चानमती देवी, एक अज्ञात, 2019 में गंगाचक गांव निवासी मनीष, तलौरा की सुधा, बरहज की सुनीता, करायल की एक युवती सहित दर्जनों की नदी में कूदने से जान जा चुकी है। मौत की बढ़ती घटनाओं के बाद भी पुल के रेलिंग पर दोनों तरफ जाली नहीं लगाई जा सकी है। प्रशासन की ओर से ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
एसडीएम योगेश कुमार ने कहा कि नदी में कूदने से हुई मौतों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रेलिंग पर जाली के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। जो संभव हो सकेगा, कराया जाएगा।
बरहज सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने कहा कि बरहज थाने पर निर्देश दे दिया गया है। घटनाओं को रोकने के लिए पुल पर पुलिस से पेट्रोलिंग कराई जाएगी।
ख्वाब और दहेज की मांग पूरी न होने पर महिलाएं दे रहीं जान
दो साल पहलेे बरहज थाना क्षेत्र के लबकनी बासू गांव में रविता देवी ने अपने ससुर से स्मार्ट फोन की मांग की। स्मार्ट फोन न मिलने पर उसने फंदा लगा कर जान दे दी थी। सदर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी एक महिला का पति दहेज में कार मांगा, लेकिन डिमांड न पूरा होने पर महिला को प्रताड़ित करने लगा, इसके चलते फंदा लगाकर जान दे दी। सदर कोतवाली के एक गांव निवासी युवती ने एक साल पहले स्कूटी की मांग न पूरा होने पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर दी। महुआडीह थाना क्षेत्र की एक युवती ने जींस पैंट खरीदने को कहा। डिमांड न पूरा होने पर उसने आत्महत्या कर ली।