देवरिया। महाशिवरात्रि सोमवार को जिले में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। सोमनाथ मंदिर, पुलिस लाइंस व कचहरी स्थित शिवालय में रविवार को तैयारियां जोरों पर रहीं। सोमवार का विशेष संयोग होने से ज्योतिषाचार्य इसे विशेष फलदायी मान रहे हैं।
सोमनाथ मंदिर के पुजारी भोला गिरी ने बताया कि मंदिर परिसर की सफाई कर झालरों से सजाया गया है। भोर में पारंपरिक पूजन के बाद आम लोगों के लिए मंदिर को खोल दिया जाएगा। पूरे दिन की पूजा-अर्चना के बाद शाम से चार पहर की पूजा होगी। अंतिम पहर में शिव-पार्वती का विवाह होगा। मंदिर परिसर के बाहर दुकान लगाए देवनारायण ने बताया कि बेलपत्र, फूल, भांग, दूध, रोली, सिंदूर, धतूर व मदार की माला 20 रुपये में उपलब्ध है। यहां मिट्टी के सजावटी चीजों में गुल्लक, टोइया, हवन आरती, लोटिया आदि भी बिक रहा है। पुलिस लाइंस शिवालय के पुजारी नारायण मणि त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर को गुब्बारों से सजाया गया है। सुबह पांच बजे ही मंदिर में दर्शन शुरू हो जाएगा। सिद्धेश्वरनाथ शिव मंदिर विद्युत उपकेंद्र भटवलिया के मुख्य पुजारी व्यासमुनि पांडेय और कचहरी चौराहा स्थित ओंकारेश्वर पंचदेव शिव मंदिर के पुजारी यशोदा बाबा ने भी सुबह पांच बजे से मंदिर में पूजन शुरू होने की जानकारी दी।
इस वर्ष मंगलकारी है महाशिवरात्रि
ज्योतिषाचार्य पं. विवेक उपाध्याय के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि पर दिन सोमवार, श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र की युति है। साथ ही दिवा 1.41 तक परिघ योग के बाद शिव योग मिल रहा है। इसलिए यह सर्वमंगलकारी है। इस दिन शिव का पूजन व रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है।
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प्राचीन समय के है मठिया के शिवलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। क्षेत्र के जैन मंदिर रोड स्थित मठिया के प्राचीन शिवमंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। मठिया शिवमंदिर में पांच शिवलिंग हैं। इसमें तीन अलग-अलग मंदिर में व दो चबूतरे पर स्थापित किए गए हैं। पुजारी वीरभद्र गिरी के मुताबिक मठिया का यह शिवमंदिर त्रेता युग का है। मंदिर परिसर की मोटी मोटी दीवारें प्राचीनता की प्रतीक हैं। गांव निवासी स्व. रामपूजन पांडेय उर्फ दमड़ी पंडित की कुत्कुस्थ पुस्तिका में भी मंदिर का विस्तृत उल्लेख है। देशाटन के दौरान बिहार प्रांत के ईश्वरीय राय नामक व्यक्ति ने स्वप्न आने पर खुदाई कराया तो शिवलिंग मिलने पर वहीं मंदिर का निर्माण कराया। देवघर जाने से पूर्व क्षेत्र के लोग पहले यहां जल चढ़ाते हैं।
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स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति में मानस सम्मेलन आज
खुखुंदू। महाशिवरात्रि पर चार मार्च दिन सोमवार को शिवाजी इंटर कॉलेज खुखुंदू की तरफ से प्राचीन शिवमंदिर मठिया परिसर में मानस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। कॉलेज के प्रधानाचार्य आलोक राय ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. विश्वनाथ राय की स्मृति में आयोजित मानस सम्मेलन में दूर-दूर से मानस कवि और कवियत्री शरीक होंगे।
सजा नीलकंठ महादेव और बाबा महेंद्रानाथ मंदिर
बरहज। नगर के नीलकंठ महादेव और महेन स्थित बाबा महेंद्रानाथ मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि की तैयारी पूरी हो चुकी है। महंत की अगुवाई में प्रत्येक वर्ष की भांति हाथी-घोड़ों और श्रद्धालुओं के बीच नीलकंठ महाराज की भव्य बारात निकाली जाएगी। इंस्पेक्टर मदनपुर विद्याधर कुशवाहा ने बताया कि महेन गांव के सभी मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। जगह-जगह पुलिस तैनात रहेगी। सरयू घाट और मंदिर परिसर में भी पुलिस तत्पर रहेगी।
बाबा हंसनाथ के शृंगार पूजा में उमड़े
भाटपाररानी। सोहगरा धाम के बाबा हंसनाथ शिवालय पर रविवार की शाम महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शृंगार पूजा का आयोजन किया गया। मौके पर प. चंद्रशेखर गिरि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शृंगार पूजन कराया। श्रद्धालु महिलाओं ने पार्वती व भोलेनाथ पर आधारित भजन गाकर जयघोष किया। गायक मधुसूदन ने अपने भक्ति गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्य मनोज सिंह, मिनहाज, डॉ. आशुतोष, सुनील गुप्ता, जितेंद्र गिरि, रंजीत मद्धेशिया, मिथुन जायसवाल, सोनू पाल, बबलू प्रसाद, धनंजय पांडेय, धर्मेंद्र, कौशल किशोर, अभिषेक सिंह, राजू गिरि आदि मौजूद रहे।
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महाशिवरात्रि पर सजा रुद्रपुर का दुग्धेश्वर धाम
महाकाल के दर्शन को आज उमड़ेगा श्रद्धालुओं का हुजूम
अधिकारियों ने लिया सफाई और सुरक्षा का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। पौराणिक महत्व का दुग्धेश्वर धाम सजकर तैयार है। यहां महाकाल के उपलिंग दुग्धेश्वरनाथ का सोमवार को महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु दर्शन करेंगे। मंदिर को फूल मालाओं से सजाया गया है। रविवार को पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने मंदिर और मेला परिसर में सुरक्षा, सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
दुग्धेश्वरनाथ मंदिर का उल्लेख पद्मपुराण में भी है। यहां शिवलिंग को उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग के सदृश्य मान्यता है। पौराणिक महत्व के नाते दुग्धेश्वरधाम को पूर्वांचल का हंसतीर्थ कहा जाता है। धार्मिक आख्यानों के अनुसार यहां जप-तप और अनुष्ठान करने का काफी महत्व है। शिवरात्रि, श्रावण और पुरुषोत्तम मास में जलाभिषेक को देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए मंदिर पर विशेष इंतजाम किया गया है। महाशिवरात्रि से 13 दिन तक चलने वाले मेले में नगर पंचायत की ओर से सफाई व्यवस्था का विशेष दस्ता तैनात किया गया है। नगर पंचायत मंदिर पर जाने वाली सभी सड़कों और मेला परिसर में पथ प्रकाश का इंतजाम कर रहा है। शनिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष लालमती देवी, वीरेंद्र शर्मा, एसडीएम शशिभूषण, सीओ मिथिलेश तिवारी, कोतवाल गिरिजेश तिवारी ने मंदिर परिसर में सुरक्षा का जायजा लिया। सीओ ने कहा कि मंदिर परिक्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है। गर्भगृह और परिसर में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पांच थाने की फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।