देवरिया। रियल टाइम खतौनी में दर्ज नाम, संरक्षक और पते से संबंधित त्रुटियों को समयबद्ध ढंग से दुरुस्त कराने के निर्देश मुख्य राजस्व अधिकारी जेआर चौधरी ने सभी उपजिलाधिकारियों व तहसीलदारों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों को पूर्णतः त्रुटिरहित बनाना विभाग की प्राथमिकता है।
मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि जनपद में चकबंदी, सर्वे एवं रूपांतरण ग्रामों को छोड़कर शेष राजस्व खतौनियों को रियल टाइम खतौनी में परिवर्तित करने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फाॅर्मर रजिस्ट्री, आयुष्मान कार्ड, विक्रय विलेख और ऋण संबंधी अधिकांश कार्य ऑनलाइन व आधार आधारित हैं, ऐसे में खतौनी में सही नाम और पता दर्ज होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से राजस्व परिषद की वेबसाइट पर खतौनी में नाम/संरक्षक/पता त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। खातेदार स्वयं आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा लेखपाल, राजस्व निरीक्षक अथवा उच्चाधिकारी भी त्रुटियों का संज्ञान लेकर आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन संबंधित लेखपाल की लॉगिन आईडी पर प्रदर्शित होगा। लेखपाल द्वारा जांच के उपरांत प्रकरण राजस्व निरीक्षक और फिर तहसीलदार को प्रेषित किया जाएगा। तहसीलदार की अनुमति मिलने के बाद नामांतरण बही (आर-6) एवं खतौनी में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में प्रकरण उपजिलाधिकारी के न्यायालय में निस्तारित होगा। राजस्व परिषद ने अविवादित प्रकरणों के निस्तारण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है। इसके तहत लेखपाल को 11, राजस्व निरीक्षक को 7, तहसीलदार को 7 तथा संशोधन प्रविष्टि के लिए 3 कार्यदिवस तय किए गए हैं।
मुख्य राजस्व अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी समस्या होने पर एनआईसी राजस्व परिषद के दूरभाष संख्या 0522-2217145 पर संपर्क किया जा सकता है।