मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने करीब तीन किलोग्राम की तिल्ली निकाली
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पहली बार तिल्ली का ऑपरेशन किया गया। पेट की समस्या से पीड़ित एक मरीज का डॉक्टराें की टीम ने ऑपरेशन कर करीब तीन किग्रा की तिल्ली निकाली। ऑपरेशन साढ़े तीन घंटे चला, जो सफल रहा। मरीज आठ वर्ष से इस बीमारी से परेशान था। यहां के लिए बड़ी उपलब्धि है।
रामपुर कारखाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी रामअशीष (55) मेहनत-मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करते हैं। वह करीब आठ वर्ष से पेट की समस्या से परेशान थे। उनका पेट भारी रहता था और दर्द होता था। खाने-पीने में दिक्कत होती थी। उन्होंने बताया कि वह जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और निजी अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाए, लेकिन राहत नहीं मिली। दवा, इलाज में रुपये भी अधिक खर्च हो रहे थे। कुछ निजी अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन में एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च आने और रिस्क अधिक होने की बात कही। इससे परिजन पीछे हट गए। दवा कराते वह थक गए।
इसके बाद किसी ने महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दिखाने की सलाह दी। इसके बाद नवंबर माह में मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में पहुंचे, जहां डॉ. मानवेंद्र कुमार को दिखाए। उन्होंने परीक्षण किया और ऑपरेशन करने की बात कही। उन्हें लगा कि ऑपरेशन में अधिक धन खर्च होग। डॉक्टर ने उनका और परिजनों का हौसला बढ़ाया। इसके बाद दिसंबर माह में ऑपरेशन की तिथि दी गई। लेकिन, परिवार में कोई बात न होने के कारण रामअशीष तैयार नहीं हुए।
इसके बाद पुन: जांच कराने के बाद डॉ. मानवेंद्र के नेतृत्व में बेहोशी के डॉ. धीरज सिंह, डॉ. चंद्रमौलि चौहान, सिस्टर सुमन, पूजा सिंह व वार्ड बॉय राजेश कुमार की टीम ने बुधवार को ऑपरेशन किया। मरीज को करीब 11 बजे ओटी में लाया गया। इसके बाद आवश्यक तैयारी पूरी करने के बाद ऑपरेशन शुरू हुआ। यह करीब साढ़े तीन घंटे चला।
ऑपरेशन के बाद अब मरीज ठीक है। वह बात कर रहे हैं। वह और परिवार के लोग प्रसन्न हैं। डॉक्टर ने बताया कि तिल्ली शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है। खून को साफ करने और इंफेक्शन से बचाने में इसकी अहम भूमिका होती है।