छोटी गंडक नदी पर स्थित पक्का पुल , जहां से पिता ने पुत्र को नदी में फेंका था
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पिता ने आठ साल के बेटे को नदी में फेंका, लापता
खामपार के संवरेजी गांव के त्रिमुहानी घाट की घटना, नहीं लगा बालक का सुराग
मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा पिता, घटना के बाद से फरार
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी (देवरिया)। खामपार थानाक्षेत्र के संवरेजी गांव के त्रिमुहानी घाट के पास निर्मित पुल से पिता ने आठ साल के बेटे को छोटी गंडक नदी में फेंक दिया। नदी में बालक काफी देर तक बचाव की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे बचाने की बजाय पिता मौके से भाग गया। आसपास के लोगों की मदद से भाटपाररानी और खामपार थाने की पुलिस बालक की तलाश में जुटी है। देर शाम तक बालक का पता नहीं चल पाया था। घरवालों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से बीमार है, उसका इलाज चल रहा है।
भाटपाररानी थानाक्षेत्र के मालीबारी गांव निवासी हितेंद्र गुप्ता गांव के पास ही क्लीनिक चलाता है। परिवार में उसकी पत्नी रीना, दो पुत्र हेमंत (12), अनुराग (8) और बेटी जूही (10) वर्ष हैं। बताते हैं कि कुछ दिनों से हितेंद्र की मानसिक हालत ठीक नहीं है। बुधवार को उसने पत्नी और बच्चों की पिटाई की थी। गुरुवार की सुबह वह छोटे बेटे अनुराग को लेकर बाइक से आटा लाने निकला। भाटपाररानी-भटनी मार्ग पर संवरेजी पुल पर पहुंचते ही हितेंद्र बाइक रोककर नीचे उतरा और बेटे को बाइक से खींचकर नदी में फेंक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नदी में गिरने के बाद बालक पापा बचाओ-पापा बचाओ की गुहार लगाता रहा, लेकिन बेटे को बचाने की बजाय हितेंद्र बाइक स्टार्ट कर भाग गए। बच्चे की चीख सुनकर लोग मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। घने कोहरे में कुछ स्पष्ट नहीं होने से लोग नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सके। भाटपाररानी और खामपार पुलिस मौके पर पहुंचकर बालक की तलाश में जुटी है। घटना से मां रीना सहित अन्य घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के जाने के थोड़ी देर बाद पिता घर पहुंचा लोगों के पूछने के बाद भी वह कुछ नहीं बोल रहा था। इस बाबत खामपार थानाध्यक्ष भीष्मपाल सिंह ने बताया कि मां से पूछताछ की गई है। उसके मुताबिक पिता-पुत्र आटा लाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान यह घटना हुई। पति की कई दिनों से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। नदी में बच्चे की तलाश कराई जा रही है।