सलेमपुर में बना राजकीय कन्या इंटर कालेज।
देवरिया। करोड़ों रुपये की लागत से विकास परियोजनाओं की आधारशिला तो बड़े उत्साह से रखी जाती है मगर उनके निर्माण में बरती गई अनियमितता उनके भविष्य पर ग्रहण लगा रही हैं। जिले में तीन ऐसी परियोजनाएं हैं, जो करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अब भी हस्तांतरण होने का इंतजार कर रही हैं। सलेमपुर क्षेत्र के बरसी पार गांव में एक करोड़ 71 लाख 96 हजार रुनसे की लागत से बना राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का भवन आठ साल पहले तैयार हो गया था, लेकन हस्तांतरण नहीं होने से जर्जर होने लगा है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर झाड़-झंखाड़ा से भरा है। कॉलेज दूसरे कॉलेज के भवन में संचालित हो रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि शासन की तरफ से कक्षा छह से 10वीं तक छात्राओं की पढ़ाई के लिए वर्ष 1989 में सलेमपुर में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के लिए बजट मिला। दो दशक बाद वर्ष 2009 में ग्राम पंचायत बरसीपार में खाली ग्राम सभा की जमीन पर कॉलेज भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपये मंजूर हुए। पैक्सफेड कार्यदायी संस्था ने इसका निर्माण पूरा कराया मगर यह भवन अब तक हस्तांतरित नहीं हो पाया है।
बरहज ब्लॉक परिसर में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से बहुउद्देशीय सीड स्टोर भवन का निर्माण किया गया है। लोकार्पण के बाद भी भवन कृषि विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। नए भवन के हैंडओवर नहीं होने के पीछे भुगतान का पेच फंसा होना बताया जा रहा है।
ब्लॉक परिसर में 121.87 लाख रुपये की लागत से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से मल्टीपरपज सीड स्टोर के दो मंजिल के भवन का निर्माण कार्य कराया गया है। करीब छह माह पहले एक कार्यक्रम में इसका लोकार्पण हो गया था। नया भवन हैंडओवर नहीं हो रहा है जो पुराने गोदाम में छत बारिश में टपकने से उसमें रखा सामान खराब हो रहा है। एडीओएजी देवेश चंद्र सिंह ने बताया कि नए भवन को विभाग को अभी हैंडओवर नहीं किया गया है।
...
शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक भी नहीं हुआ हैंडओवर
जिला मुख्यालय पर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक का निर्माण कार्य करीब दो करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। स्मारक का निर्माण उसी स्थान पर किया जा रहा है, जहां शहीद रामचंद्र विद्यार्थी ने तिरंगा लहराते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे।
स्मारक की कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल की तरफ से गेट, चहारदीवारी और अन्य निर्माण कार्य पूरा करा दिया गया है। यहां शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की प्रतिमा भी लगी है मगर भवन अब तक हैंडओवर नहीं हो पाया है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि भवन हैंडओवर के लिए कार्यदायी एजेंसी ने संपर्क ही नहीं किया।