परेशान परिवार वालों ने दूतावास से लगाई मदद की गुहार, कहा-जल्द पता करेंसंवाद न्यूज एजेंसी
लार (देवरिया)। नेपाल त्रासदी में लार नगर से जुड़े एक ही परिवार के तीन लोग पहले दिन से लापता हैं। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कहीं पता नहीं चल सका है। परिवार वालों को अनहोनी की आशंका सता रही है। कानपुर में रह रहे परिवार वालों ने भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। दूतावास ने नेपाल के अधिकारियों से संपर्क कर लापता तीनों के बारे में जानकारी जुटाने की मांग की है। उधर पहाड़ पर फंसे पांच लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि, देर शाम तक उनका रेस्क्यू नहीं किया जा सका था।
जानकारी के मुताबिक, लार नगर के मुख्तार अहमद के पिता कारोबार के लिए नेपाल चले गए। त्रिशूली बाजार में मकान बनवाकर कपड़े का व्यवसाय करने लगे। बाद में बेटा मुख्तार व्यवसाय संभालने लगा। उनके साथ पत्नी, बेटा साहिल भी रहते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लाउडस्पीकर से पानी का सैलाब आने की चेतावनी के बाद वह सामान रखकर निकल रहे थे। कुछ दूरी पर पहुंचे थे, तभी पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। उनका घर और दुकान मलबे में तब्दील हो गया।
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हृदय रोग की वजह से रेस्क्यू में आ रही दिक्कत
नेपाल से लौटे जमील अहमद ने बताया कि पहाड़ पर पहुंचने के तीसरे दिन सेना का हेलीकाप्टर रेस्क्यू के लिए पहुंचा। मैं पत्नी निशात बानो बैठ गए। भैया जफर अहमद और भाभी शाहीन अख्तर हृदय की समस्या होने से नहीं बैठ सके। इस वजह से भतीजे रजा, जेया, सिरी शाहीम जो वहीं पर शिक्षक हैं वे भी रुक गए। सेना के जवानों ने बाद में रेस्क्यू करने को कहा। हृदय रोग की वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। फिलहाल पांचों लोग सुरक्षित हैं। पहाड़ पर ही रात गुजार रहे हैं। सेना के जवारन खाने-पीने के सामान पहुंचाए जा रहे हैं।