पूर्व चेयरमैन समेत तीन पर वन्य पशु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
लार। दो सप्ताह पूर्व नील गाय मारने का मामला तूल पकड़ने लगा है। पुलिस ने आरोपी पूर्व चेयरमैन समेत तीन लोगों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेज दिया है। उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व चेयरमैन और एक हिंदू वादी नेता ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केस के विवेचक एवं हिंदूवादी नेता के बीच हुई कहासुनी का आडियो वायरल होते ही फिर मामला गरमा गया है।
दो मई को पूर्व चेयरमैन खुरशेद आलम की जीप में रखी मरी नीलगाय का वीडियो वायरल हुआ था। लार पुलिस ने चौकी इंचार्ज सुनील त्रिपाठी की तहरीर पर पूर्व चेयरमैन खुरशेद आलम, व दो अन्य लोगों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेज दिया। उधर, पूर्व चेयरमैन खुरशेद का कहना है कि नीलगाय का गला तार से कटा था। वह मरी हालत में थी। जीप में लाद कर उसे दियारा क्षेत्र में प्रवाहित करने ले जा रहा था। तभी एक हिंदू वादी नेता वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगे और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए वीडियो वायरल कर दिया। मेरे ऊपर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। उधर, हियुवा के जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह ने लार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने चेयरमैन पर राइफल से गोली मारने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर मामले की लीपापोती का आरोप लगाया है। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम एवं पुलिस अधिकारियों को ट्विट किया है। मामले के विवेचक एवं हियुवा नेता के बीच बातचीत का आडियो वायरल हो रहा है।
इस बाबत प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह ने बताया कि पूर्व चेयरमैन सहित दो अन्य आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। हियुवा नेता पुलिस पर जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है।