बरहज के बराव में जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है, इस पर आक्षेप न करें। जो लोग कभी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के होने का सबूत मांग रहे थे, बाबरी मस्जिद के पक्ष में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, रामभक्तों पर गोलियां चलवा रहे थे, वे ही अब अयोध्या को बदनाम करने में लगे हैं। एक सज्जन दिल्ली से चलकर अयोध्या आए हैं। उन्हें अपने कारनामों के लिए पश्चाताप कर लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को बरहज विधानसभा क्षेत्र के बरांव में 456 करोड़ 38 लाख की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अयोध्या दौरे पर मैंने कहा था जो भी वह दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही कार्रवाई शुरू हो गई है। सनातन की आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा, उसे छूट नहीं देंगे।
सपा-कांग्रेस की मंशा पर उठाए सवाल
राममंदिर चढ़ावा प्रकरण पर विपक्ष को सीधे निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनकी मंशा ठीक नहीं है। ये वे लोग हैं जो भगवान श्रीराम के वजूद को नकार चुके थे। यदि आपके पास कोई सुबूत है तो उसे एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। जब इनके काले कारनामाें का चिट्ठा खुलता है तो ये गुमराह करने लगते हैं। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, नोंचा था। सपा की सरकार में भर्ती से पहले ही चचा-भतीजे की जोड़ी वसूली करने निकल पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि यूपी में विकास के लिए जरूरी संसाधन मौजूद हैं। सपा और कांग्रेस की सरकार ने यूपी को दंगाग्रस्त कर दिया था। त्योहार आते ही लोग डर जाते थे, मगर आज कोई गुंडागर्दी नहीं कर सकता। यदि करेगा तो उसकी सात पीढि़यां भुगतेंगी। व्यवस्था बदली तो आज निवेश आ रहा है।
इस कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, राज्यमंत्री ग्राम्य विकास विभाग विजय लक्ष्मी गौतम ने भी संबोधित किया।