देसही देवरिया। महुआडीह गांव के जगलाल प्रसाद की हत्या में शामिल, फरार तीसरे आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार की रात को उसके घर से दबोच लिया। मामले में जगलाल के बेटे और उसके साथी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चौथा आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। 17 जून की रात को जगलाल के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर कर पिता की हत्या कर दिया था।
ससुर की हत्या में पति सहित चार पर केस दर्ज होने के बाद जगलाल की बहू ने भी अलग से महुआडीह पुलिस को तहरीर दिया था। उसमें उसने पति सहित सास और कुछ अन्य लोगों पर भी साजिश रचकर हत्या कराने का आरोप लगाया था। शुक्रवार की रात को खोराबार पुलिस ने दबिश देकर गौरीबाजार थानाक्षेत्र के खीरहा गांव के रहने वाले पीयूष के चालक रानू दुबे को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को पूछताछ के बाद चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर बेटे और पीयूष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चौथा आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
कोट
जगलाल हत्या कांड में फरार चल रहे तीसरे अभियुक्त रानू दुबे को खोराबार पुलिस ने शुक्रवार की रात को दबिश देकर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसे शनिवार को जेल भेज दिया गया। चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।
- नितिन श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर, खोराबार, गोरखपुर
ये था मामला
महुआडीह गांव के मठिया टोला के रहने वाले जगलाल प्रसाद (56) स्थानीय थाना मुख्यालय से चंद कदम की दूरी पर अपने मकान में वाहन धुलाई सेंटर चलाते थे। उसी मकान में उनका बेटा, पत्नी और बहू भी अपने बच्चों के साथ रहती थी। मकान के बाद मुख्य मार्ग पर खेत था। कीमती जमीन को लेकर जगलाल का पत्नी और बेटे से संबंध ठीक नहीं थे। दोनों मिलकर जगलाल की कई बार पिटाई कर दिए थे। हत्या के करीब दो माह पहले तो हुई पिटाई में जगलाल का हाथ भी टूट गया था। उसने थाने में तहरीर भी दिया था। लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। जगलाल के बेटे ने गांव के दो साथियों के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बना डाली। 17 जून की शाम को भोजन कर जगलाल अंदर सोने चले गए। इसी बीच उनका बेटा रत्नेश अपने गांव के साथी पीयूष मिश्र और उसके सगे छोटे भाई व उसके चालक के साथ मिलकर पिता पर हमला बोल दिया। उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। रत्नेश और पीयूष ने शव को बाइक पर रखकर गोरखपुर के खोराबार थानाक्षेत्र में हाईवे के किनारे ले जाकर एक खेत में फेंककर वापस आ गए थे। सुबह शव मिलने की सूचना पर पहुंची खोराबार पुलिस को मृतक के शरीर में पड़े शर्ट के लेबल पर महुआडीह चौराहा के एक दर्जी का लेबल मिला। खोराबार पुलिस ने महुआडीह पुलिस को शव का फोटो भेजा। पुलिस ने फोटो देखते ही मृतक को पहचान लिया। जबकि पत्नी और बेटे ने पहचानने से साफ मना कर दिया। इस बात पर पुलिस का शक उन पर गहरा गया। पूछताछ में रत्नेश ने हत्या की बात कबूल कर ली। बताया कि गांव के दोस्त और उसके सगे भाई और उनके एक चालक के साथ मिलकर पिता की हत्या कर शव को ठिकाने लगाया था।