भाटपाररानी में नाराज लोगों ने जिलाधिकारी के गाडी को रोक दिया।
तहसील दिवस में एएसपी की डांट से नाराज पीड़ित परिवार के लोगों ने डीएम गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए और डीएम की गाड़ी को रोक दिया। पुलिस वालों ने लोगों को जबरन हटाया। तब डीएम रवाना हुईं।
खामपार के कुकुरघांटी में पांच माह पूर्व सुमन यादव की बम मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार के लोग अब तक न्याय नहीं मिलने और प्रशासन की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलने से नाराज थे। मंगलवार को तहसील दिवस में डीएम अनिता श्रीवास्तव के आने की जानकारी मिलने पर मृतक सुमन यादव की पत्नी द्रोपदी देवी, पुत्र शिब्बु व सोनू, भतीजा मुन्ना यादव और तारा देवी तहसील पहुंचे और अपनी मांग रखनी चाही।
आरोप है कि तहसील दिवस में मौजूद एएसपी एनके सिंह ने उन्हें डपट दिया। इससे नाराज होकर पूरा परिवार जिला पंचायत सदस्य सत्यदेव यादव और मंटू यादव के नेतृत्व में डीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गया। उनकी पत्नी द्रोपदी देवी का कहना था कि उसके पति की हत्या के बाद परिवार की आर्थिक दशा खराब हो गई है। उन्हें अबतक किसी प्रकार की सहायता मुहैया नहीं कराई गई है। परिवार के एक व्यक्ति की नौकरी और दस लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाई जाय। तहसील दिवस खत्म होने के बाद जिलाधिकारी के बाहर आते ही लोगों ने नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें गाड़ी के आगे से जबरन हटाया। डीएम अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गई। बाद में उपजिलाधिकारी ने मांग पत्र लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।