देवरिया। गौरीबाजार विकास खंड के चरियाव खास मनरेगा योजना में सरकारी धन का बंदरबांट की जांच के लिए डीएम दिव्या मित्तल ने जांच टीम बना दी है। दो सदस्यीय टीम एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेगी। उप्र राज्य सलाहकार समिति के सदस्य दीपक गौतम कनौजिया ने सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया है।
राज्य सलाहकार समिति के सदस्य दीपक गौतम कनौजिया ने पत्रक में आरोप लगाया था कि चरियाव गांव में ग्राम प्रधान मनरेगा योजना के अन्तर्गत फर्जी लाभार्थियों को आर्थिक लाभ पहुंचाकर सरकारी धन का बंदरबांट हुआ। उन्होंने वर्ष 2024-25 की मनरेगा के अन्तर्गत कार्य की सूची उपलब्ध कराते हुए कहा है कि इसमें मृतक, दिव्यांग, आर्थिक रूप से संपन्न, शादी होने के बाद अपने गांव चली गई कई युवतियों का नाम दर्शाया गया है। जिनके खाते में मनरेगा का पैसा मंगाकर उसका गोलमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि सूची में कुल 267 लाभार्थी हैं, जिसमें से 200 से ज्यादा लाभार्थियों की सूची फर्जी बनाई गई है। डीएम ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य) व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को जांच का निर्देश दिया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य) ने बताया कि एक सप्ताह में जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।