संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के प्रसिद्ध श्री मनोकामनापूर्ण हनुमान मंदिर के उत्तराधिकारी और कुछ लोगों के बीच भूमि पर अवैध कब्जा को लेकर चले रहे विवाद में बुधवार को तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
करीब छह घंटे तक गहमा-गहमी रही। यह स्थिति एक पक्ष की ओर से चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराने पर उत्पन्न हुई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को समझाया और भूमि की पैमाइश कराकर सीमांकन कर दिया। इसके बाद मामला सुलझ गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स शाम तक तैनात रही। जानकारी के अनुसार, हनुमान मंदिर 3.10 एकड़ भूमि में है। इसमें तीन रकबा है। इसमें दो गाटा देवरिया खास और एक गाटा बांस देवरिया का है।
मंदिर परिसर स्थित पोखरा के पश्चिम तरफ की भूमि को लेकर मंदिर के उत्तराधिकारी और दूसरे पक्ष से प्रदीप कुमार और केसर के बीच काफी दिनों से विवाद है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अवैध कब्जा का आरोप लगाते हैं।
कई बार पैमाइश भी हो चुकी है, मगर समस्या बनी हुई थी। बताया जाता है कि दो दिन पहले समझौता हुआ था। एक पक्ष बुधवार की सुबह चहारदीवारी का निर्माण कराने लगा। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। दोनों पक्ष से लोग जुट गए। सूचना मिलने पर प्रशासन सक्रिय हो गया।
एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह, एएसडीएम अवधेश निगम, सीओ सिटी संजय रेड्डी, कोतवाल दिलीप कुमार सिंह सहित तहसील के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।प्रशासन ने सूझबुझ से काम लिया और दोनों पक्षों को समझा कर शांत कराया। इसके बाद नायब तहसीलदार गंगा राम की देखरेख में भूमि की पैमाइश शुरू हुई। राजस्व कर्मियों ने नापी कर मंदिर की भूमि का रकबा पूरा किया।
मंदिर पक्ष की ओर से बताए गए भूमि का कुछ हिस्सा दूसरे पक्ष के रकबा में निकला। इसके बाद मंदिर की भूमि का सीमांकन किया गया। प्रशासन की पैमाइश पर दोनों पक्ष सहमत हो गया।
हनुमान मंदिर के उत्तराधिकारी राजेश नारायण दास ने बताया कि वह पैमाइश से संतुष्ट हैं।