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Deoria News: आग से झुलसे मरीजों के इलाज की नहीं है सुविधा, रेफर हो रहे मरीज

Tue, 21 Feb 2023 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया मेडिकल कॉलेज ।संवाद
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- 22 माह बाद भी स्थापित नहीं हो सका बर्न यूनिट, गंभीर मरीजों को महानगरों की तरफ करना पड़ रहा रुख
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट स्थापित नहीं हो सका है। इसके चलते झुलसे मरीजों को समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामूली झुलसे मरीजों का किसी तरह इलाज किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों व महानगरों की तरफ रुख करना पड़ता है, जिससे मरीजों व तीमारदार को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट शुरू होने पर लोगों को आस जगी कि अब उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और अंयत्र नहीं जाना पड़ेगा। 22 माह बीत गए पर अब तक बर्न यूनिट की स्थापना नहीं हो सकी है। इससे मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। जबकि अस्पताल में पहले की अपेक्षा भीड़ भी बढ़ी है। यहां जनपद के विभिन्न स्थानों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों सहित ढाई सौ से अधिक लोग हर रोज इलाज कराने आते हैं। वहीं ठंड के मौसम में आग से झुलसे करीब पांच लोग प्रतिदिन इलाज कराने आते हैं। जबकि अन्य दिनों की संख्या कुछ कम रहती है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेज दिया जाता है। तीमारदारों को गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। यहां अस्पताल में सर्जिकल वार्ड से सटे गैलरी में दस बेड का वार्ड बनाया गया है। 20 से 25 प्रतिशत तक झुलसे लोगों को ही भर्ती किया जाता है। इस समय तीन मरीज रूपाली, ऊषा व शिवांग भर्ती हैं। मरीजों के परिजनों ने बताया कि मरीजों के लिए दवा का इंतजाम हैं, लेकिन संक्रमण से बचाव के इंतजाम नहीं है। सबसे पहले तो एसी होना चाहिए, जिससे गर्मी के दिन में दिक्कत न हो।
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- शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला निवासी राहुल ने बताया कि चाय गिरने से 23 माह का पुत्र शिवांश झुलस गया। जिला अस्पताल के पुराने वार्ड में तीन दिन से भर्ती है, लेकिन बर्न यूनिट न होने से परेशानी होती है।
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- सरौरा की ऊषा देवी ने बताया कि अलाव की लपट से कपड़े में आग पकड़ने से झुलस गई। एक सप्ताह से इलाज चल रहा है। बर्न वार्ड होने से आसानी होती।
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बर्न यूनिट में यह होती है सुविधा
- आग से झुलसे मरीजों में इंफेक्शन फैलने की आशंका अधिक होती है। बर्न यूनिट अन्य वार्ड से अलग एसी युक्त होता है। यहां सफाई की विशेष व्यवस्था रहती है। डॉक्टर के अलावा ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ की तैनाती रहती है, जो कि अच्छी तरह देखभाल करती हैं और समय-समय पर मरीज की ड्रेसिंग भी करती हैं।
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अस्पताल में ट्रामा विंग स्थापित करने की योजना है। उसमें 20 बेड का बर्न यूनिट भी होगा। उसके बनने के बाद गंभीर मरीजों का भी इलाज हो सकेगा। आने वाले दिनों में बेहतर सुविधा मिलने लगेगी।
डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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