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Deoria News: छुट्टा जानवरों पर लगाम लगाने का इंतजाम नहीं, कागजों तक ही सीमित है अभियान

Fri, 09 Jan 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जिले भर में लावारिस सांड़, कुत्ते और बंदरों के झुंड आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं। आए दिन इनकी वजह से हादसे हो रहे हैं। लोगों में भय का माहौल है, लेकिन सवाल यह है कि इन छुट्टा जानवरों को आखिर पकड़ेगा कौन और कैसे? नगरपालिका और नगर पंचायतों के पास न तो इसके लिए पर्याप्त संसाधन हैं और न ही कर्मचारियों को कोई विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
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नगर क्षेत्र में गाय, बैल, सांड़ के साथ-साथ आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। बीते कुछ महीनों में कई दोपहिया और चारपहिया वाहन हादसों का शिकार हुए हैं। नगरपालिका और नगर पंचायतों के पास छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए न तो विशेष वाहन हैं और न ही आधुनिक उपकरण। कई जगहों पर रस्सी और डंडे के सहारे जानवर पकड़ने की कोशिश की जाती है, जिससे कर्मचारियों की जान को भी खतरा बना रहता है। प्रशिक्षित टीम के अभाव में कर्मचारी इस काम से कतराते हैं, नतीजा यह कि अभियान कागजों तक ही सीमित रह जाता है।
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब बात आवारा कुत्तों और बिल्लियों की आती है। देवरिया नगर पालिका क्षेत्र में अभी तक कुत्ता-बिल्ली के बंध्याकरण की भी कोई व्यवस्था नहीं है। नसबंदी न होने के कारण इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। मोहल्लों में झुंड के रूप में घूमने वाले कुत्ते राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, जबकि रात में उनका आतंक और बढ़ जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रहती है। कई वार्डों में लोग खुद चंदा कर निजी स्तर पर जानवर पकड़वाने को मजबूर हैं। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है। न गौशालाओं की क्षमता बढ़ाई गई और न ही पकड़ने की कोई प्रभावी योजना बनाई गई।
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बंदरों से हर मोहल्ला परेशान
तेजी से खत्म होते बागों में जिले में बंदरों की समस्या को गंभीर बना दिया है। शायद ही कोई ऐसा इलाका बचा हो, जहां लोग बंदरों के झुंड से परेशान न हों। गांव में पहुंचने वाला या झुंड भोजन की तलाश में घरों में घुस जाता है। जब उन्हें भोजन नहीं मिलता तो वह लोगों पर अभी हमला कर देते हैं। इन्हें वन विभाग नहीं पकड़ता, क्योंकि यह वन्यजीव नहीं हैं और बाकी किसी के पास संसाधन नहीं हैं।

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इन हादसों ने बढ़ाई दहशत
- गौरी बाजार क्षेत्र में दिसंबर में सांड़ ने किसान को मार डाला था
- खुखुंदू इलाके में नवंबर में कुत्ते ने 10 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया था

कोट
शहर में कुत्तों के बंध्याकरण के लिए केंद्र प्रस्तावित है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं को बढ़ावा कर गोशाला भेजा जाएगा।
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अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका देवरिया
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