देवरिया। खुखुंदू ब्लाॅक बनने की आस एक बार फिर जग गई है। शासन की मांग पर जिलाधिकारी ने प्रस्तावित ब्लाॅक का प्रारूप तैयार कर भेज दिया है। इसमें 58 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। खुखुंदू ब्लॉक बनने से 1.57 लाख की आबादी को सहूलियत मिलेगी। खंड विकास अधिकारी कार्यालय के लिए देवरिया-सलेमपुर मार्ग स्थित नरौली संग्राम गांव में नवीन परती भूमि काे चिह्नित किया गया है।
खुखुंदू को ब्लाक बनाने की मांग तीन दशक से चल रही है। वर्ष 1991 में खुखुंदू को ब्लाॅक बनाने की मांग उठी। कई दिनों तक आंदोलन चला। कई लोग जेल भी गए। वर्ष 1994-95 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने देवरिया जीआईसी परिसर में खुखुंदू, तरकुलवा, और नरायनपुर को ब्लॉक बनाने की घोषणा की। तरकुलवा तो ब्लाॅक बन गया लेकिन खुखुंदू का मुद्दा उपेक्षित रह गया। तबसे खुखुंदू ब्लाॅक बनाओ संघर्ष समिति के लोग समय-समय पर धरना, आंदोलन करते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही आदि बड़े नेताओं को ज्ञापन दिया। वर्ष 2007 में तत्कालीन जिलाधिकारी ऋषिकेश भाष्कर यशोद ने खुखुंदू को ब्लाॅक बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन ठोस पैरवी न हो पाने के कारण यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था। अब भाजपा के क्षेत्रीय विधायक व स्थानीय नेता इसके लिए जोर लगा रहे हैं, तो बात आगे बढ़ी है।
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यह है खुखुंदू ब्लाॅक का प्रारूप
प्रस्तावित खुखुंदू ब्लाॅक में 58 ग्राम पंचायतें व 142 राजस्व गांव शामिल किए जाने हैं। यहां की आबादी 1.57 लाख होगी। इसमें भलुअनी ब्लाॅक से पिपरा खेमकरन, वीरजापुर झंटौर, खुखुंदू, सदर ब्लाक से श्रीनगर बरडीहा, मझवलिया, भटनी से धनौती, सलेमपुर से पड़री झिल्लीपार, परसिया भंडारी व भागलपुर ब्लाॅक से एक न्याय पंचायत को शामिल किया गया है।
14 अधिकारी-कर्मचारियों की होगी आवश्यकता
पदनाम - संख्या
खंड विकास अधिकारी - 01
एडीओ (आईएसबी) - 01
एडीओ सांख्यिकीय - 01
एडीओ सहकारिता - 01
जेई लघु सिंचाई - 01
कनिष्ठ सहायक - 01
वरिष्ठ सहायक - 01
सहायक लेखाकार - 03
जीप चालक - 01
पत्र वाहक - 02
स्वीपर कम चपरासी - 01
कुल योग - 14
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बोले स्थानीय लोग:
खुखुंदू ब्लाॅक बनने से स्थानीय लोगों को सहूलियत मिलेगी। ब्लाॅक मुख्यालय जाने के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। तमाम लोग दूरी के कारण योजनाओं से वंचित हो जाते हैं। जनप्रतिनिधियों को भी विकास कार्यों के लिए पैरवी करने में आसानी होगी।
- नथुन राय, संरक्षक ब्लाॅक बनाओ संघर्ष समिति।
खुखुंदू को ब्लाॅक बनाने का मुद्दा तीन दशक पुराना है। स्थानीय नेताओं को चाहिए कि इसके लिए शासन में पैरवी करें। खुखुंदू ब्लाॅक के हर मानकों को पूरा कर रहा है। इसमें अब देरी नहीं होनी चाहिए।
- सोबराती किदवई, अध्यक्ष ब्लाॅक बनाओ संघर्ष समिति।
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कोट:
स्थानीय स्तर से खुखुंदू ब्लाॅक के गठन के संबंध में सारी औपचारिकता पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब निर्णय शासन स्तर से ही होना है। उम्मीद है कि इस संबंध में जल्द ही कोई आदेश आ जाए। - रवींद्र कुमार, सीडीओ