देवरिया। संसाधन के अभाव में भी प्रतिभाएं निखर सकती हैं। यह बात सिद्ध कर रही हैं बघौचघाट क्षेत्र की बेटियां। बिना स्टेडियम की सुविधा के अबतक 40 से अधिक गांव की बेटियां फुटबॉलर बनकर देश और क्लब के लिए खेल रही हैं। इन बेटियों को स्टेडियम मिला होता तो आज उनकी उड़ान बहुत आगे होती। सरकार की योजना है हर ब्लॉक में दो मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा, पर पथरदेवा में एक भी नहीं बनाया गया है।
बिहार सीमा पर स्थित बघौचघाट थाना क्षेत्र के कुर्मीपट्टी खेल मैदान में कोई सुविधा नहीं है। फिर भी दर्जनों गांव की बेटियां फुटबॉलर बनने इस खेल मैदान पर आती हैं। जिले में अनेक जगह मिनी स्टेडियम बने और कुछ जगह प्रस्तावित भी हैं, लेकिन जहां होना चाहिए वहां के बारे में किसी अधिकारी ने कोई पहल नहीं की है। जिले से लेकर प्रदेश तक फुटबाल से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को पता है कि प्रदेश में किसी भी स्तर की महिला फुटबाल टीम चयन होता है तो उसमें कुर्मीपट्टी खेल मैदान की बेटियां जरूर होती हैं। फिर भी उनको सुविधा नहीं मिल पाती है। इस मैदान की महिला फुटबाल खिलाड़ी हिना भारत अंडर-17 की कप्तान हैं। वहीं, सोनाक्षी अंडर-19 टीम की कप्तान रह चुकी हैं। आज इस खेल मैदान की बेटियां भारत के सभी राज्यों की टीम व क्लब से फुटबॉल खेल रही हैं।
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महिला फुटबाल खिलाड़ी हिना ने बताया कि गांव में फुटबॉल खेलना बहुत बड़ी चुनौती है, यहां हमें कोई सुविधा नहीं मिलती। खेल मैदान भी ढंग का नहीं है। आज जो कुछ भी हमलोग है अपनी मेहनत के दम पर हैं। एक स्टेडियम हमारे क्षेत्र में होना चाहिए।
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भारतीय जूनियर फुटबाल टीम की खिलाड़ी सोनाक्षी ने बताया कि गांव की बेटियों को फुटबॉल खेलना बहुत कठिन है। गांव के खेल मैदान पर बहुत सारी सुविधा नहीं मिल पाती। अगर स्टेडियम होता तो हम लोग अभी तक बहुत ऊंचाई पर पहुंचे होते।
यूपी महिला टीम की खिलाड़ी फरीदा ने बताया कि हम लोगों को भी स्टेडियम की सुविधा मिलनी चाहिए। सरकार गांव गांव स्टेडियम बनाने बात कर रही है और हम लोग रोज कुर्मीपट्टी खेल मैदान पर फुटबाल सीखने आते हैं। कहा बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
महिला फुटबाल खिलाड़ी बेंगलुरू लीग खेल कर लौटीं सुष्मिता विश्वकर्मा ने कहा कि अगर हम लोगों को भी स्टेडियम मिल जाए तो भारत में महिला फुटबाल टीम बहुत मजबूत होगी।
संसाधनों का अभाव व कम सुविधा में बेटियों को फुटबॉल के गुर सिखाते हैं। अगर आज स्टेडियम होता तो इस क्षेत्र की बेटियां देश में अलग मुकाम पर होतीं। -जय कुमार राव, कोच, कुर्मीपट्टी खेल मैदान
इस क्षेत्र में एक स्टेडियम होना चाहिए। इसकी जरूरत है। हमारे गांव में जितनी सुविधाएं मिलनी चाहिए, उतनी खिलाड़ियों को नहीं मिल पाती हैं। एक स्टेडियम बनने से बहुत सी बेटियां खेल में देश का नाम रोशन करेंगी। -अजीत सिंह पप्पू, ग्राम प्रधान