सलेमपुर। लार ब्लॉक के पड़री गजराज में पंचायत भवन के लिए खरीदी गई जमीन में धांधली का आरोप है। बैनामा करने वाली महिला ने वायरल वीडियो के जरिए प्रधान प्रतिनिधि पर 50 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। इसके अलावा गांव में कार्यरत सफाई कर्मी ने अधिकारियों को लिखित पत्र देकर प्रधान प्रतिनिधि पर उसके खाते में महिला के खाते से आठ लाख रुपये मांगने की शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम दिव्या मित्तल ने शुक्रवार को मुख्य राजस्व अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर एसडीएम, नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा। जांच टीम ने दोनों पक्ष के अलावा ग्रामीणों से लिखित बयान लिया। वहीं जमीन बैनामा करने वाली महिला गांव छोड़कर फरार हो गई है। जिसको लेकर गांव में चर्चा तेज हो गई हैं।
शुक्रवार को मुख्य राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह, एसडीएम दिशा श्रीवास्तव व नायब तहसीलदार हरि प्रसाद गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से लिखित बयान लिया। गांव में तैनात सफाई कर्मी ने लिखित बयान देकर बताया कि प्रधान प्रतिनिधि ने अपने रिश्तेदार से पांच हजार रुपये भेजवाने के लिए उसका बैंक अकाउंट लिया और उक्त महिला के खाते से आठ लाख रुपये सफाईकर्मी के खाते में ट्रांसफर करवा दिया। जब इसकी जानकारी सफाई कर्मी ने प्रधान प्रतिनिधि को दी तो उसने एक लाख नकद व सात लाख दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया। उधर, बैनामा करने वाली महिला जांच टीम के समक्ष पेश नहीं हुई। जिसके चलते उसका बयान नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि मामला उजागर होने के बाद महिला गांव छोड़कर फरार हो गई है। जांच टीम बयान दर्ज करने के बाद वापस लौट गई।
क्या है पूरा मामला
20 मई 2025 को लार ब्लॉक के पड़री गजराज गांव के पंचायत भवन के लिए महिला नामक एक महिला ने मुख्य विकास अधिकारी के नाम से भूमि बैनामा किया। जिसके एवज में सरकार के तरफ से महिला के बैंक खाते में 66.67 लाख रुपये भेजा गया। महिला का आरोप है कि बैनामे के बाद उसके बैंक खाते में 66.67 लाख रुपये की धनराशि आई, लेकिन उसी दिन यह रकम वापस निकाल ली गई। 8 जुलाई 2025 को दोबारा उसके खाते में पैसा आया। इसके बाद 11 जुलाई को प्रधान प्रतिनिधि ने 15 लाख रुपये नकद निकाले और 10 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। 14 जुलाई को भी 15 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने महिला का बैंक खाता चेक कराया। ग्रामीणों का कहना है कि खाते की प्रविष्टियों से महिला के दावे की पुष्टि होती है। इसके बाद प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ चर्चा तेज हो गईं। उधर, इस मामले में पं. जवाहर लाल कृषक इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने डीएम दिव्या मित्तल को शिकायती पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए है कि पड़री गजराज स्थित आराजी संख्या 34 (रकबा 0.081 हेक्टेयर) और आराजी संख्या 25 (रकबा 0.0400 हेक्टेयर) की भूमि को फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कराकर पंचायत भवन के नाम बैनामा किया गया। इस गंभीरता से लेते हुए डीएम दिव्या मित्तल ने मुख्य राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह के नेतृत्व टीम गठित कर मामले जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा।
कोट
जिलाधिकारी ने निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम शुक्रवार को गांव पहुंची थी। दोनों पक्ष समेत ग्रामीणों का लिखित बयान लिया गया है। बैनामे के बाद पैसे में हेरफेर दिख रहा है। जांच टीम के समक्ष महिला का न आना संदेह के घेरे में है।
दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम, सलेमपुर