बरहज के थाना घाट पर बने पुरंदरनाथ मंदिर परिसर में घुसा बाढ़ का पानी
बरहज। नेपाल में आई त्रासदी के बाद एक सप्ताह से लगातार सरयू का जलस्तर बढ़ने से राप्ती भी उफान पर है। बृहस्पतिवार को सरयू का पानी बरहज के जहाज घाट स्थित पटेल नगर के मुख्य मार्ग पर बहने लगा है।
वहीं नदी के पानी से घिरे विशुनपुर देवार के 12 मजरों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरयू नदी के आसपास के खेतों में पानी भरने से मवेशियों के चारा का संकट गहरा गया है।
सरयू के पार विशुनपुर देवार के कतलहवा, जरलहवा, नई-पुरानी अनुसूचित जाति बस्ती, स्कूलहिया, बांके टोला, जवाहर टोला समेत 12 मजरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बरहज के पटेल नगर मार्ग के अलावा रगरगंज में भी नदी का पानी पहुंच गया है। नदी का उग्र तेवर देखकर तटवर्ती गांवों के लोगों में खलबली मची है।
बाढ़ से घिरे विशुनपुर देवार के लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने से आवागमन मुश्किल हो गया है। प्रभावितों कहना है कि सरकार से मिलने वाली योजनाओं का अब तक कोई लाभ नहीं पहुंच सका है। बाढ़ प्रभावित मवेशियों के साथ ऊंची जगह पर ठिकाना बनाना शुरू कर दिए हैं। वहीं राप्ती के पानी से घिरे भदिला प्रथम गांव के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर बह रही सरयू : बरहज में सरयू थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान 66.50 से 1.15 मीटर ऊपर 67.65 मीटर पर बहने लगी है, जबकि राप्ती का जलस्तर 68.00 मीटर पर स्थिर है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बांधों पर दबाव बनाने लगा है। कटइलवा-कपरवार संगम तट और बिनोवापुरी-महेन, मोहरा-समोगर-केवटलिया तटबंध पर नदियों के पानी का दबाव बढ़ गया है। सरयू पार दियरा में पीडब्ल्यूडी और नुरूल्लाह बांध पर नदी के पानी का खतरा बढ़ गया है।