देसही देवरिया (देवरिया)। ठेकेदार से रिश्वत लेते रंगे हाथ एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़े ग्राम विकास अधिकारी को प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया। वहीं विभाग ने भी बृहस्पतिवार को इसे निलंबित कर दिया। सचिव ने ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रिबोर कराने के बदले जमा किए गए बिल पर कमीशन मांगा था।
गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र के चंपा देवी पार्क के पीछे इंदिरानगर कालोनी का रहने वाला जय नारायण सिंह स्थानीय ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात था। कुशीनगर जिले के रहने वाले ठेकेदार सतीश मणि ने अपनी फर्म से जयनारायण सिंह के कार्यक्षेत्र के गांव मुंडेरा इमिलिया में हैंडपंप रिबोर, नाली मरम्मत आदि के कार्य कराए थे। ठेकेदार ने शिकायत की थी कि कार्य कराने में हुए खर्च का भुगतान करने के एवज में जय नारायण रिश्वत मांग रहे हैं।
एंटी करप्शन टीम ने मामले की अपने माध्यम से जांच कराई। बुधवार को दोपहर जय नारायण सिंह पकड़ी वीरभद्र गांव स्थित पंचायत भवन पर अपने कार्यालय में काम कर रहा था। ठेकेदार सतीश मणि यहां आकर उसे 24 हजार रुपये रिश्वत देने लगे। इसी बीच पहुंची गोरखपुर एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बीडीओ अरुण कुमार पांडेय को सूचना देने के बाद टीम उसे लेकर महुआडीह थाना पहुंची। प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद ग्राम विकास अधिकारी को लेकर गोरखपुर चली गई। बृहस्पतिवार को न्यायालय में सुनवाई के बाद गोरखपुर जिला जेल भेज दिया गया। उधर, इस मामले के बाद विभाग ने भी जयनारायण सिंह पर शिकंजा कस दिया। बृहस्पतिवार को उसे निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से ब्लॉक सहित महकमे में हड़कंप मच गया है। तीसरे दिन भी इस बात की लोगों के बीच चर्चा रही।