देवरिया। एनसीसी कैडेट्स युवती से दुष्कर्म की कोशिश मामले में मुख्य आरोपी को संरक्षण देने वाले उसके एक भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया है। वही मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। सूत्रों के मताबिक मुख्य आरोपी का भाई पुलिस महकमे में है। गिरफ्तार भाई गणेश ने ही मुख्य आरोपी को भागने में मदद दी थी।
मऊ जनपद की एक एनसीसी कैडेट्स गाजीपुर से परीक्षा देकर गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में जल्दीबाजी में बिना टिकट के एसी कंपाउंड में चढ़ गई। कुछ दूर आने के बाद ट्रेन में तैनात टीटीई राहुल कुमार जो पटना के थाना बिहटा क्षेत्र का रहने वाला है उसने लड़की को टिकट दिखाने को बोला। लड़की ने बताया कि वह परीक्षा देकर आ रही है। जल्दी-जल्दी में वह टिकट नहीं ले पाई। इस बात पर टीटीई ने उसे कार्रवाई की धमकी देते हुए टिकट बनवाने और सीट देने को कहा। लड़की बात मान गई। टिकट कलेक्टर उसे साथ लेकर एसी फर्स्ट के खाली कंपार्टमेंट में ले गया और फाटक बंद करके उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। लड़की किसी तरह गोरखपुर पहुंची और जीआरपी पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत के बाद जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर लिया। इससे पहले आरोपी टीटीई देवरिया रेलवे स्टेशन पर उतरकर फरार हो गया। तभी से आरोपी टीटीई की तलाश की जा रही है लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जीआरपी सूत्रों का बताना है कि आरोपी के चार भाई हैं जो उसकी खूब मदद कर रहे है। उसका एक भाई दरोगा है, जिसकी वजह से पुलिस के हाथ अब तक टीटीई तक नहीं पहुंच सका है। गिरफ्तार गणेश गुप्ता पुत्र सज्जन बसंत बहार निवासी समसारा सदीसोपुर थाना बिहटा पटना का रहने वाला है।
देवरिया जीआरपी थाना प्रभारी अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि मुख्य आरोपी को संरक्षण देने वाले उसके भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बहुत जल्द मुख्य आरोपी भी पुलिस के गिरफ्त में होगा। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी अभिषेक पाण्डेय, शौरभ सिंह,कांस्टेबल शादरुदीन,विनोद यादव, आनंद प्रकाश शामिल है।