संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। जमीन का मुआवजा दिलाने के नाम पर सड़क के किनारे कीमती जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में चल रही जांच के क्रम में तहसीलदार ने सोमवार को दोनों पक्षों बयान लिया। दोनों के बयान में भिन्नता मिली। विक्रेता की बहू ने बताया कि मुआवजा के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। वहीं क्रेता ने बताया कि रजिस्टार के सामने दोनों विक्रेता का बयान होने के बाद ही रजिस्ट्री कराई गई।
साथ ही, जमीन का जो मूल्य मांगी गया था उसे दोनों विक्रेता के खाते में भेजे जाने की भी बात स्वीकारी है।पड़री पांडेय गांव के शमसुद्दीन अली व अशरफ अली पुत्रगण स्व. शहीद ने उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र लिख यह आरोप लगाया है कि उनकी पड़री पांडेय मौजा में आराजी नं.182 अ जमीन जो सिसई कोल्हुआ मुख्य मार्ग पर है। उस कीमती जमीन को लेखपाल ने झांसे में रखकर कीमती जमीन तीन लाख में बैनामा करा दी है।
इसमें भी 50 हजार रुपये जबरन एक व्यक्ति के खाते में वापस ले लिया है। जिस जमीन का बैनामा कराया गया है वह जमीन सड़क के किनारे दर्शाया गया है, जबकि शेष जमीन पीछे दर्शाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार हरि प्रसाद को एसडीएम ने दी थी।
जांच में एक नायब तहसीलदार पर आरोप आने के चलते एसडीएम ने इसकी जांच तहसीलदार अलका सिंह को दी है। तहसीलदार ने सोमवार को क्रेता तथा विक्रेता की बहु का बयान लिया। तहसीलदार अलका सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। विक्रेताओं को भी बुलाया गया था, लेेकिन वे नहीं आए। उनका जल्द ही बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।