देवरिया। जनपद में गोंड अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही समस्याओं पर जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। कहा कि सत्यापन कराकर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तहसीलदार जारी करें।
एडीएम (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने तहसीलदारों को पात्रों के प्रमाणपत्र नियमानुसार जारी करने को कहा है। यह कदम गोंड आदिवासी महासभा देवरिया के ज्ञापन के बाद उठाया गया है।
महासभा के जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने प्रमाण पत्र जारी करने में देरी और कठिनाइयों को लेकर प्रशासन को अवगत कराया था। जिला प्रशासन ने समाज कल्याण अनुभाग-3 के शासनादेश का हवाला दिया है।
शासनादेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 13 जनपदों में गोंड सहित कई समुदाय अनुसूचित जनजाति में शामिल हैं। देवरिया जनपद भी इन 13 जनपदों में से एक है। शासनादेश से कुशीनगर, चंदौली और भदोही में भी गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति में अधिसूचित किया गया है।