मिनी इंडस्ट्रियल एरिया उसरा बाजार का फोटोफोटो संवाद
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रुद्रपुर। औद्योगिक आस्थान उसरा बाजार में पर्यावरण मानदंडों के उल्लंघन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पहुंच गया है।
इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण की मुख्य पीठ ने संयुक्त समिति बनाकर आठ सप्ताह के अंदर न्यायाधिकरण के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया है। औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने ट्रिब्यूनल के समक्ष वाद दाखिल किया है।
जिसमें मुख्य पीठ के न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव व न्यायाधिकरण के अध्यक्ष डॉ. ए. सेंथिल वेल ने 15 अक्टूबर को जारी आदेश में आवेदक की ओर से लगाए गए आरोपों पर संयुक्त समिति का गठन किया है।
समिति में राष्ट्रीय पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय लखनऊ और जिला मजिस्ट्रेट देवरिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जिला मजिस्ट्रेट देवरिया संयुक्त समिति में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेंगे। संयुक्त समिति स्थल का दौरा करेगी और पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण मानदंडों के उल्लंघन के आरोपी प्रतिवादी संख्या 5 फॉरएवर डिस्टलरी की ओर से पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी की ओर से दी गई पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों का पता लगाएगी। संयुक्त समिति आठ सप्ताह के भीतर न्यायाधिकरण के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मामले में पूर्व विधायक ने ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रतिवादी पर यह आरोप लगाया है, कि वह इस क्षेत्र में शराब का निर्माण कर काला धुआं छोड़ रहा है।
शराब कारखाने के पास सड़क के किनारे खेतों और गड्ढों में खुलेआम कणीय राख भी डाल रहा है जो तेज हवाओं के साथ उड़ कर स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
यह इकाई एफसीआई गोदाम और कई निजी स्कूलों के पास स्थित है, इसलिए एफसीआई गोदाम में संग्रहित अनाज भी प्रभावित हो रहा है।