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शिक्षामित्र के पद पर भी तैनात था सीतापुर में गिरफ्तार शिक्षक

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शिक्षामित्र के पद पर भी तैनात था सीतापुर में गिरफ्तार शिक्षक
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बैतालपुर (देवरिया)। शुक्रवार को सीतापुर जिले से एसटीएफ के गिरफ्त में आया फर्जी शिक्षक ऋषिकेश मणि बैतालपुर विकास खंड क्षेत्र के विक्रम विशुनपुर बरई टोला प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2008 से शिक्षामित्र के पद पर भी तैनात है।
दूसरे के शैक्षिक अभिलेखों पर नौकरी करने वाला यह युवक सीतापुर में भी सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। एक ही व्यक्ति एक ही विभाग में अलग-अलग जगहों पर हाजिरी लगाकर वेतन के साथ ही मानेदय भी उठाता रहा और इसकी भनक तक यहां के अधिकारियों को नहीं लगी। शिक्षामित्र के रुप में भी तैनाती होने की जानकारी होने पर उसके मानदेय पर विभागीय स्तर से रोक लगा दी गई है।
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देवरिया जिले के बैतालपुर ब्लॉक अंतर्गत बेलही तिवारी गांव निवासी ऋषिकेश मणि त्रिपाठी का वर्ष 2009 में सीतापुर जिले के बेहटा ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई। नियुक्ति यहीं के एक इंटर कॉलेज के प्रवक्ता बजरंग भूषण के शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर ही जालसाजी कर कराया गया था।
बीते शुक्रवार को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। इसके पूर्व फर्जी शिक्षक की पत्नी को भी दूसरे के दस्तावेज पर नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 10 वर्ष पूर्व आरोपित शिक्षक की मां भी फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे सहायक अध्यापक पद से बर्खास्त हो चुकी है। एक माह पूर्व गिरफ्तार हुई ऋषिकेश की पत्नी स्वाति तिवारी ने एसटीएफ को पूछताछ में मामले की जानकारी दी। स्वाति भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही सीतापुर जिले के हरिहर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात थी। धोखाधड़ी के आरोप में सीतापुर के बीएसए ने दोनों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
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लगातार अनुपस्थित रहने पर रोका गया था मानदेय, प्रधानाध्यापक को नोटिस
बैतालपुर ब्लॉक के बीईओ गोपाल शरण मिश्र ने रविवार को बताया कि विक्रम विशुनपुर बरई टोला प्राथमिक विद्यालय का कुछ माह पूर्व औचक निरीक्षण किया गया था। यहां के शिक्षामित्र लगातार 29 दिन से अनुपस्थित चल रहे थे। इस पर उनका मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई थी। साथ ही प्रधानाध्यापक रामनयन यादव से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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