बरहज। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तापमान में भारी गिरावट के कारण बुधवार को खिली धूप बेअसर साबित हो रही थी।
गलन से पूरे दिन लोग ठिठुरते देखे गए। वहीं प्रशासन की ओर से सार्वजनिक जगहों पर किए गए अलाव आदि के इंतजाम नाकाफी साबित हाे रहे हैं। समुचित प्रबंध न होने के कारण लोग कागज आदि के टुकड़े जलाकर ठंड दूर करने के लिए मजबूर हैं।
कड़ाके की ठंड की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसके कहर से समय से पहले चौराहों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। ठंड ने जहां एक ओर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है वहीं बेजुबानों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है। जरूरत के कार्याें से आए इक्का-दुक्का लोग ही सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं।
सड़कों और बाजाराें में सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल देखने को मिल रही है। वहीं दुकानदार भी ग्राहकों की बाट जोहते देखे जा रहे हैं। ठंड की मार बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों पर ज्यादा पड़ रही है। स्थानीय सहित भलुअनी, गड़ेर, देवपार, कपरवार, करुअना, मगहरा, सोनाड़ी, पैना आदि जगहों पर ठंड और सर्द हवा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलवाने की कवायद कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि कड़ाके की ठंड को देखते हुए संबंधितों को अलाव जलवाने का निर्देश दिया गया है। यदि अलाव नहीं जलाया जा रहा है तो गलत है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।