बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
कर्मचारी, मजदूर संगठनों सहित ट्रेड यूनियंस की हड़ताल से सब प्रभावित
बैंक और एलआईसी कार्यालयों में रही बंदी, मायूस होकर लौटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कर्मचारी संगठनों के देशव्यापी हड़ताल का असर बुधवार को भी जिले में भी दिखा। सभी सरकारी बैंक, एलआईसी कार्यालय, विद्युत कर्मचारी, कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने इसमें भाग लिया। इससे संबंधित विभागों में कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने धरना सभा, प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। वक्ताओें ने महंगाई, बेरोजगारी, श्रम नीतियों सहित अन्य मुद्दों पर केंद्र व प्रदेश सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए। उधर भारत बंद के समर्थन में भारतीय किसान सभा ने भी राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। आल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के बैनर तले श्रमिक संगठनों ने सुभाष चौक पर सभा की। हालांकि प्रशासन की चुस्ती के आगे वह कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन नहीं कर पाए। मौके पर वक्ताओं ने सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध करते हुए श्रम कानूनों में छेड़छाड़ नहीं करने, महंगाई पर रोक, समान काम के लिए समान वेतन, एनआरसी वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई। धरने में एक्टू की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेमलता पांडेय, अखिल भारतीय शिक्षा अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक डॉ. चतुरानन ओझा, गीता पांडेय, श्रीराम कुशवाहा, कलक्टर शर्मा, राकेश सिंह, अरविंद गिरी, बृजेश कुशवाहा, शंभूनाथ आदि मौजूद रहे। बहुजन क्रांति मोर्चा के सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में दिया। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ व अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने महामंत्री अजय मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट प्रांगण में एकत्र होकर इस हड़ताल का समर्थन किया। अंत में मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। गौरीबाजार चीनी मिल गेट पर समाजवादी मजदूर सभा ने ऋषिकेश यादव की अध्यक्षता में सभा की। इसमें बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वक्ताओं ने सरकार को घेरा। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रजेंटेटिव के इकाई अध्यक्ष दीपेश्वर नाथ पांडेय के नेतृत्व में दवा प्रतिनिधियों ने कार्य बहिष्कार किया। विद्युत मजदूर संघर्ष समिति ने इं. विजय जायसवाल उपखंड अधिकारी, के नेतृत्व में कर्मचारियों व अधिकारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर विद्युत कर्मचारी सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसमें अमित सिंह, मनीष प्रजापति, एके सिंह, रामविलास मणि, दीनानाथ शर्मा आदि मौजूद रहे।
पीएनबी गेट पर बैंककर्मियों का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश बैंक इंपलाइज यूनियन की ओर से रेलवे स्टेशन रोड स्थित पीएनबी मुख्य शाखा पर सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर सरकार की नीतियों एवं बैंकिंग सुधारों व विलय के मुद्दे पर सवाल उठाए। अध्यक्षता करते हुए आरएन राय व जिला मंत्री डीके गुप्ता ने बैंकों में पुनरीक्षण, पर्याप्त भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग प्रमुखता से की। बैंककर्मियों की हड़ताल से जिले में करोड़ों का लेनदेन एवं व्यवसाय प्रभावित रहा। प्रदर्शन में सुजीत चतुर्वेदी, तेजबहादुर, अरविंद सिंह, धनंजय सिंह, उमाशंकर, सतीश पांडेय, त्रिपुरेश, रायश्री, मनोज, धनंजय, नवनीत उपाध्याय, जैनेंद्र श्रीवास्तव, सौरभ, मनीष आदि शामिल रहे। उधर एलआईसी कार्यालय संख्या दो पर आल इंडिया इंश्योरेंस इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी की। उन्होंने पुरानी पेंशन शुरू करने, बीमा क्षेत्र में एफडीआई का विरोध किया।
माकपा ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन
भाटपाररानी। माकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में तहसील परिसर में धरना देकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम ओमप्रकाश को सौंपा। धरने में जिला मंत्री साधुशरण, जयप्रकाश यादव, नथुनी सिंह, नवल बिहारी, पवहारी शरण, उर्मिला देवी, जयप्रकाश कुशवाहा, महेश प्रसाद, राधेश्याम भारती, नंदकुमार, पंचम आदि शामिल रहे।
श्रम विरोधी नीतियों को लेकर हड़ताल
बरहज। नगर क्षेत्र के बैंक कर्मी सरकार के श्रम विरोधियों को लेकर हड़ताल पर रहे। बैंक खुला होने के बाद भी लेन-देन नहीं होने से उपभोक्ता परेशान रहे। हालांकि बैंकों पर हड़ताल का नोटिस चस्पा किया गया था। नगर सहित क्षेत्र में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, पूर्वांचल बैंक, इलाहाबाद बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी आदि बैंकों की शाखाएं संचालित की जाती हैं। बुधवार को बैंक खुले थे। लेकिन कर्मचारी मुख्य गेट पर हड़ताल लिखा नोटिस बोर्ड लगाकर कार्य से विरत रहे। अधिकांश बैंकों पर लेन-देन आदि कार्य नहीं होने से शहर और गांवों से आए उपभोक्ताओं को मायूसी हाथ लगी। हालांकि एटीएम में पैसे थे। लेकिन तीन बजते-बजते सारे एटीएम खाली हो गए। जबकि हड़ताल होने के बाद भी पुलिस ड्यूटी पर तैनात रही। बताया जा रहा है कि कामगारों के राष्ट्रीय सम्मेलन के मांगपत्र के समर्थन, कथित बैंकिंग सुधारों और बैंकों के अवांछित विलय का विरोध, कारपोरेट घरानों से चूक किए ऋणों की वसूली के कठोर उपायों की मांग, वेतन पुनरीक्षण और पर्याप्त कर्मियों की भर्ती आदि को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एलआईसी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
सलेमपुर। एआईईए के आह्वान पर बुधवार को एलआईसी सलेमपुर यूनिट के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकार पर जनविरोधी नीतियों एवं तानाशाही का आरोप लगाते हुए एलआईसी गेट पर सरकार विरोधी नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया। शाखा अध्यक्ष दिनेश कुशवाहा व मंत्री राज कोकिल आर्य ने एलआईसी के शेयर मार्केट में थोपने की नीति पर रोक लगाने, बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने का विरोध, एनपीएस को समाप्त कर पुराने पेंशन लागू करने, सभी अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने एवं न्यूनतम वेतन भुगतान करने, 2017 से लंबित वेतन पुनर्निर्धारण करने, बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने एवं बढ़ती बेरोजगारी व महंगाई पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान मुन्ना तिवारी, जैनुद्दीन, अशोक कुमार, उमेश कुशवाहा, राकेश पांडेय, अनिल यादव, राम निवास यादव, जयप्रकाश एवं रामलाल मौजूद रहे।
श्रम कानून में छेड़छाड़ स्वीकार नहीं : रामनिवास
मजदूर संगठनों के आह्वान पर गांधी चौक पर खेत मजदूर एवं माकपा की सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। विभिन्न मजदूर संगठनों के आह्वान पर बुधवार को उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन एवं माकपा कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक पर सभा किया। सभा के बाद प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए रामनिवास यादव ने कहा कि देश के अंदर भाजपा सरकार वादाखिलाफी करते हुए सभी सरकारी प्रतिष्ठानों को निजी हाथों में बेचने का कार्य कर रही है। इस कारण देश के सभी श्रम संगठन भारत बंद करने का एलान किया। श्रम कानून में छेड़छाड़ मजदूर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार एक देश एक कानून का नारा दे रही है तो एक देश में दो तरह के लोग कैसे हैं। संजय गोंड़ ने कहा कि उद्योगपतियों की संपत्ति बढ़ रही है, जबकि किसानों, मजदूरों व छोटे व्यापारियों के हाथ से पूंजी छीनता जा रहा है। कार्यकर्ता गांधी चौक से नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे। जहां राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम संजीव यादव को सौंपा। इस दौरान हरेकृष्ण कुशवाहा, संजय गोंड़, बलिंद्र मौर्या, राजनाथ गोंड़, राम छट्ठू चौहान, बिरजू गुप्ता, श्रीराम कुशवाहा, सुशील यादव, अनिल यादव, मुकेश गोंड़ आदि मौजूद रहे।