आग की घटना के बाद पूरे मोहल्ले की बिजली कट गई। करीब सौ घरों की बिजली बुधवार की शाम छह बजे तक गायब रही। इसके कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। कई जगहों पर लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। जिनके घरों में बच्चों को स्कूल जाना था उनको खास दिक्कत हुई। करीब शाम छह बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद
शाम को फिर से उठा धुआं तो बुलानी पड़ी दमकल की गाड़ी
शाम करीब पांच बजे आग बुझाकर जब फायर सर्विस के कर्मी वापस चले गए तो एक बार फिर से धुआं उठने लगा तो लोग सहम गए। इसकी जानकारी लोगों ने दमकल विभाग को दी। इस पर दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और सुलग रहे आग को फिर से बुझाया। संवाद
दमकल वाहन के फेरे इतने लगे कि सिविल लाइन, काेतवाली रोड पर पूरे दिन सायरन की आवाज सुनाई पड़ रही थी। वाहन पानी ले जाते थे और कुछ ही देर बाद फिर से वापस चले आते थे। इसके कारण जाम को हटाने के लिए उन्हें सायरन बजाना पड़ रहा था। संवाद
इससे पहले भी हो चुकी है घटना, पर बुझाने में इतना समय नहीं लगा
देवरिया शहर में आग की इस भीषण घटना ने सभी को झकझोर दिया है। शहर में आग की घटना इससे पहले भी हुई, लेकिन किसी भी घटना में 18 घंटे का समय आग बुझाने में नहीं लगा। अभी एक माह पहले शहर के रामलीला मैदान स्थित एक माल में आग लगी थी। कुछ माह पहले रामनाथ देवरिया मोड़ पर एक माल में आग लगी थी।
इसमें भी चार घंटे में ही आग पर काबू पा लिया गया था। दस साल पहले कोआपरेटिव चौराहे पर आग की बड़ी घटना हुई थी। यहां पर भी आठ घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। इतना जरूर है कि सभी घटनाओं में जनहानि नहीं हुई है। सभी आग की घटनाएं रात में हुई हैं।