सलेमपुर। नगर के भरौली वार्ड नंबर-एक स्थित युगल सरकार मंदिर परिसर में आयोजित अमर कथा में मंगलवार को कथा व्यास वृंदावन धाम से पधारे महर्षि श्रीदास ने अमर कथा का रसपान कराया। उन्होंने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि राम चरित मानस की रचना गोस्वामी तुलसीदास तथा रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की है, जबकि श्रीमद्भागवत एवं 18 पुराणों की रचना वेदव्यास ने की।
अमर कथा भगवान शिव की आत्मकथा है, जो मानव जीवन को आत्मबोध और आध्यात्मिक चेतना की ओर प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरनाथ गुफा में अमर कथा सुनाई थी, जिसके प्रमाण आज भी विद्यमान हैं। संजय की देखरेख में कथा चल रही है।