संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवोत्थान एकादशी के पावन अवसर पर शनिवार को शहर के सिविल लाइन में हो रही श्रीमद् भागवत के दूसरे दिन की कथा अत्यंत भक्ति, करुणा और श्रद्धा के वातावरण में सम्पन्न हुई।
इसमें सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्मा और नारद संवाद तथा भक्त प्रह्लाद चरित्र का दिव्य वर्णन किया गया। एकादशी व्रत के बावजूद महिलाओं की उपस्थिति पुरुषों से अधिक रही। मातृशक्ति की भक्ति और संयम ने पूरे कथा स्थल को पवित्र बना दिया।
कथा का रसपान कराते हुए कथावाचक परम पूज्य पंडित जितेन्द्र कृष्णशास्त्री ने कहाकि भक्ति वह दीप है जो अहंकार के अंधकार को मिटाकर जीवन में सत्य का प्रकाश फैलाती है। उन्होंने कहाकि एकादशी का विशेष भाव मातृशक्ति की उपस्थिति है।
उन्होंने आगे कहाकि माता-पिता हमारे जीवन की जड़ हैं। उनका आशीर्वाद वह अमृत है जिससे जीवन पुष्पित होता है। पंडित जितेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहाकि तीसरे दिन कपिल चरित्र, धुंधकारी और ध्रुव चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
इस अवसर पर राकेश श्रीवास्तव, निखिलेश श्रीवास्तव, आशीष सिन्हा, मोहित मिश्रा, अजीत, उज्ज्वल, राजन, आकाश, पवन सिन्हा, अमित मोदनवाल, यश, चंदन मिश्रा, राकेश श्रीवास्तव, निखिलेश श्रीवास्तव, आशीष सिन्हा,मोहित मिश्रा,अजीत, उज्ज्वल,राजन, आकाश,पवन सिन्हा, अमित मोदनवाल, यश, चंदन मिश्रा आदि उपस्थित रहे।