संवाद न्यूज एजेंसी बनकटा/रामपुर बुजुर्ग। यूपी बिहार के सीमावर्ती इलाके नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील बनने के साथ ही सुरक्षित प्रवेश द्वार बनते जा रहे हैं। तस्करी रोकने के पुलिस के दावों के बावजूद सीमा से नशीले पदार्थ बिहार में सुरक्षित पहुंचाए जा रहे हैं।
दो दिन पहले मैरवा के मझौली मोड़ के पास से पकड़ा गया 329 किलो गांजा इसका जीता जागत उदाहरण है। मैरवा पुलिस का कहना है कि ् बरामद गांजा नेपाल से यूपी के रास्ते बिहार के मोतिहारी में भेजा जा रहा था। हालांकि बनकटा पुलिस इससे इन्कार कर रही है, मगर जिस रास्ते पर डीसीएम से गांजा बरामद होने की बात मैरवा पुलिस कह रही है वह सलेमपुर से रामपुर बुजुर्ग होते हुए बिहार को जोड़ता है।
इसके पहले भी बिहार के धरनीछापर चेकपोस्ट से कई बार शराब की बड़ी खेप बरामद हो चुकी है, मगर इसी मार्ग पर करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित रामपुर बुजुर्ग पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इन तस्करी की भनक तक नहीं लगी।
22 सितंबर को मैरवा पुलिस ने बिलासपुर से एक स्कार्पियो से 104 पेटी अवैध देशी शराब बरामद किया था।इसके पूर्व 12 अगस्त को मैरवा पुलिस ने ही धरनीछापर चेकपोस्ट से ट्रक में रुई के बीच छिपाकर भेजा जा रहा छह साै कार्टन शराब बरामद किया था। इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
ऐसे में रामपुर बुजुर्ग पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर लोग सवाल उठाते रहे हैं।इस संबंध में क्षेत्राधिकारी आदित्य गौतम ने बताया कि पुलिस सक्रियता बढ़ी है बॉर्डर पर और भी सक्रियता बढ़ाया जाएगा।
तस्करी के धंधे में कई सफेदपोश शामिल ः बनकटा/रामपुर बुजुर्ग संवाद के अनुसार अवैध शराब तस्करी के धंधे में कई बार सफेदपोशों के शामिल होने की बात सामने आती रही है हालांकि उंची रसूख के कारण इन सफेदपोशों पर कार्रवाई नहीं होने से सीमावर्ती इलाका तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है।
बता दें कि इसके पूर्व प्रतापछापर गांव के प्रधान और शराब तस्कर अजीत सिंह उर्फ जड़ी की मर्जी के अनुसार ही क्षेत्र से शराब की तस्करी होती थी।जड़ी सिंह की हत्या के बाद इस धंधे में कई पंचायत प्रतिनिधियों के शामिल होने की चर्चा है।अपने स्थानीय गुर्गों की मदद से ये लोग शराब तस्करी को अंजाम दिला रहे हैं।ये लोग तस्करी के लिए मुख्य मार्ग का उपयोग नहीं करके बिहार से सटे गांवों के रास्ते सुरक्षित बिहार में प्रवेश कर जाते हैं। क्षेत्र के पचरुखिया, जंजीरहा, ताली, मठिया, रामपुर बुजुर्ग, पकड़ी नरहिया, एकडंगा, रामकोला, बनकटा जगदीश, बरिगहवा, सुन्दरपार, बनकटा चित्रसेन, किशोरीछापर, दरगेचक, बंकुल, हाता आदि जगहों पर तस्करों की सक्रियता ज्यादा है।इसके अलावा ट्रेन के माध्यम से भी शराब की तस्करी की जा रही है।
इस संबंध में सीओ आदित्य गौतम ने बताया कि अगर किसी भी प्रतिनिधि को तस्करी में संलिप्त पाया जाएगा तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।