देवरिया। शहर के मेहड़ापुरवा मोहल्ले की रहने वाली अंजली और उसके बेटे कृष्णा के बाद दूसरे बेटे नागेंद्र उर्फ कान्हा (7) की भी मंगलवार की देर रात इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद मायके वालों ने मां-बेटों का अंतिम संस्कार किया।
इस मामले में महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति व सास-ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धारा में प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोपी पति मंगलवार से ही पुलिस की हिरासत में है। बुधवार को भी मेहड़ापुरवा वाले घर में सन्नाटा पसरा रहा। शहर के गोरखपुर रोड स्थित मेहड़ापुरवा मोहल्ला में बाबूलाल विश्वकर्मा का मकान है। बाबूलाल मूलरूप से रजला गांव के पास स्थित बसडीला गांव के रहने वाले हैं।
कुछ साल पहले ही यहां घर बनाया था। घर के आगे ही टिन शेड डालकर बढ़ई का काम करते हैं। उनका बड़ा बेटा निराला भी बढ़ई का काम करता है। मंगलवार को निराला की पत्नी अंजली और दोनों बच्चे कृष्णा और कान्हा की हालत अचानक बिगड़ गई।
घर के दूसरे सदस्यों ने अंजली और कान्हा को मेडिकल कॉलेज ले गए। इसी बीच किसी ने मामले की जानकारी अंजली के भाई सोमनाथ मंदिर रोड निवासी हरिकेश विश्वकर्मा को दे दी।
तत्काल मौके पर पहुंचा और डॉयल 112 पर इसकी सूचना दी। हरिकेश ने बताया कि जब उसे पता लगा कि मेडिकल कॉलेज में उसकी बहन और एक बेटा को भर्ती कराया गया है तो वह दूसरे को खोजने लगा।
उसे भांजा कृष्णा भी कमरे में मृत मिला, जिसे लेकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचा। वहां जाने पर पता लगा कि उसकी बहन अंजली की भी मौत हो चुकी है। हरिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि मंगलवार की दोपहर में अंजली को पति निराला और उसके सास-ससुर ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया और खाने में जहर मिलाकर खिला दिया।
कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर निराला और उसके माता-पिता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। सीओ सिटी संजीव कुमार रेड्डी का कहना है कि जांच-पड़ताल की जा रही है।