संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सऊदी अरब की एक कंपनी में फंसे छितही बाजार निवासी अनिल निषाद की वतन वापसी तय हो गई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सेंडन कंपनी में सात माह से बंधक बने 180 भारतीय श्रमिकों की सूची जारी की है। इसमें रुद्रपुर के अनिल का भी नाम है। अंतिम निकासी की सूची जारी होने के बाद परिवार के लोग राहत महसूस कर रहें है।
सऊदी अरब में बकरीद के अवकाश के कारण निकासी की प्रक्रिया रुकी है। छुट्टी खत्म होते ही भारत के विभिन्न प्रदेशों के श्रमिकों की वतन वापसी शुरू हो जाएगी। पिता चांद बली ने बताया कि 38 वर्षीय बेटा अनिल मार्च 23 में सऊदी अरब स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी सेंडन इंटरनेशनल में श्रमिक के तौर पर कमाने गया था। सात माह पहले कंपनी बंद हो गई।
कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों का वीजा और पासपोर्ट नहीं मिल रहा था। अनिल के साथ भारत और नेपाल के चार सौ वर्कर फंसे थे। नेपाल के श्रमिकों की वतन वापसी हो गई है, मगर भारत के श्रमिकों को इंतजार करना पड़ रहा है।
विदेश में फंसे युवक के माता-पिता के गुहार लगाने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद कमलेश पासवान ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर उसकी वापसी का आग्रह किया। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों को जिला पंचायत सदस्य सुनील निषाद ने भारतीय दूतावास सहित विभिन्न फोरम के एक्स हैंडिल पर भेजकर बंधक मजदूरों को मुक्त कराने की मांग की।
इसके बाद दूतावास ने सक्रियता दिखा कर उनके वतन वापसी का रास्ता बनाया। अनिल के घर वापसी की आस जगने के बाद उसकी मां रमावती और पत्नी संगीता को थोड़ी राहत मिली है।
उसके बीमार पिता चांद बली बेटे की सलामती के लिए रोज भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। पिता ने बताया कि अनिल से मिली जानकारी के अनुसार दूतावास के अधिकारी उसके संपर्क में हैं। अंतिम निकासी की सूची जारी हो चुकी है।
इसी सप्ताह में 180 भारतीय श्रमिकों की वतन वापसी शुरू हो जाएगी।