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Deoria News: - गौरीबाजार में निवर्तमान अध्यक्ष को नहीं मिला सिंबल

Sun, 23 Apr 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। गौरीबाजार नगर पंचायत के सपा केे निर्वतमान अध्यक्ष निलेश जायसवाल ने जिस भाजपा प्रत्याशी को पिछले चुनाव में करीब एक हजार मतों से हराया था। वहीं ईश्वर चंद जायसवाल इस बार साइकिल पर सवार हो गए हैं, जबकि निवर्तमान अध्यक्ष को रिक्शा की सवारी करनी मजबूरी हो गई है। इस सीट को लेकर समाजवादी पार्टी में घमासान भी मचा हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप भी लग रहे हैं। इसके कारण गौरीबाजार नगर पंचायत का चुनाव काफी रोचक हो गया है।
गौरीबाजार से निलेश जायसवाल दो बार नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। 2017 के चुनाव में ईश्वर चंद जायसवाल भाजपा के प्रत्याशी रहे और निलेश ने उन्हें एक हजार मतों से पराजित कर दिया था। इस बार के चुनाव में राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है। उन्होंने जिलाध्यक्ष और पार्टी के अन्य नेताओं को पत्र भेज कर बताया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्पष्ट था कि किसी भी निवर्तमान चेयरमैन का टिकट नहीं काटा जाएगा। पर इसके बावजूद भी ईश्वर चंद जायसवाल को सपा ने प्रत्याशी बना दिया। इसे लेकर निलेश ने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल से गुहार लगाई है। शुक्रवार की शाम को सपा प्रदेश अध्यक्ष ने निलेश जायसवाल का प्रारूप 7क निरस्त करते हुए निलेश को समाजवादी पार्टी का अंतिम अनुमोदित प्रत्याशी मानते हुए सिंबल आवंटित करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी नगरीय गौरीबाजार को पत्र दिया है। प्रारूप के साथ पत्र लगाकर जब निवर्तमान अध्यक्ष रिटर्निंग अफसर के पास पहुंचे तो समय बीत चुका था। इस कारण निलेश को निर्दल प्रत्याशी घोषित किया गया। अब हालत यह है कि सपा कार्यकर्ता गौरीबाजार में असमंजस्य की स्थिति का सामना कर रहे हैं। एक तरफ सपा के रंग का झंडा निर्दल प्रत्याशी निलेश उपयोग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ईश्वर चंद जायसवाल कर रहे हैं। अब देखना है कि आने वाले चुुनाव परिणाम में सपा का कब्जा बरकरार रहता है या फिर घमासान की वजह से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कोट
पार्टी ने ईश्वर चंद जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। निलेश जायसवाल के लिए प्रदेश अध्यक्ष का पत्र आया, लेकिन समय बीत चुका था। इसके कारण वह निर्दल हैं।
व्यास यादव, सपा जिलाध्यक्ष
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सपा का शुरू से ही कार्यकर्ता रहा। जिसे पार्टी का सिंबल मिला है वह भाजपा से चुनाव लड़ चुके हैं। धन, बल के आधार पर उन्हें टिकट दिया गया है। इसमें स्थानीय नेता शामिल हैं।
निलेश जायसवाल
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