अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे शिविर में आॅपरेशन कराने वाले नौ मरीजों के आंख की रोशनी नहीं लौटी है।
सोमवार को जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के ओपीडी में पहुंचे मरीजों में एक मरीज के परिवारवालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
एक महिला मरीज की बेटी ने सीएमओ से लिखित शिकायत की। सीएमओ ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जिला चिकित्सालय के नेत्र ओटी में 18 जनवरी को 25 लोगों की आंख का आॅपरेशन हुआ था।
सोमवार को आॅपरेशन करने वाले चिकित्सक को दिखाने के लिए तरकुलवा की विनती देवी, हरखौली दुलार पट्टी के छेदी गिरी, बेलवा बाबू के नथुनी यादव, दरन छपरा की भृगुरासनी देवी, नगहीडीहा सिसवा पांडेय की बच्ची देवी, गोबरही की प्रभावती देवी, बरडीहा की रसीदा खातून, भटवलिया की सुदामी देवी और गौरीबाजार के रामपति ओपीडी में पहुंचे।
मरीजों का कहना था कि अभी तक उनकी आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। चिकित्सक ने सलाह दी कि एक सप्ताह और दवा डालें, धीरे-धीरे रोशनी आएगी।
इस दौरान मरीजों से उनकी बहस हो गई। डॉक्टर के तेवर तल्ख हुए तो मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। एक बजे से शुरू हुआ हंगामा 30 मिनट तक चलता रहा।
बाद में किसी तरह से मामला शांत हुआ। महिला मरीज की बेटी ने सीएमओ से लिखित शिकायत की । जिस पर सीएमओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।